करगिल युद्ध में एक पैर गंवा चुके इस फौजी ने नहीं हारी हिम्मत, अब ये सीकर में लड़ रहा है एक और जंग

हम बात कर रहे हैं पालवास रोड निवासी सांवरमल गोरा की। सेना में डाक ले जाने के दौरान हादसे का शिकार होकर आधा पैर गंवा चुके सांवरमल दिव्यांगों के लिए कुछ करना चाहते हैं।

करगिल की जंग में बहादुरी दिखा चुका सैनिक अब नेकी की नई जंग लडऩा चाहता है। सेना में रहते एक पैर गंवाने के बाद अब वे अपने जैसे दूसरे दिव्यांगों को पैरों पर खड़ा करना चाहते हैं। इसके लिए उसने कड़ी मेहनत और मशक्कत भी शुरू कर दी है। लेकिन, आर्थिक तंगी उनके सपनों में बाधा बन रही है।



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हम बात कर रहे हैं पालवास रोड निवासी सांवरमल गोरा की। सेना में डाक ले जाने के दौरान हादसे का शिकार होकर आधा पैर गंवा चुके सांवरमल दिव्यांगों के लिए कुछ करना चाहते हैं।


दिव्यांगों को देना  चाहते हैं सहारा


सांवरमल दिव्यांगों को दो तरह से सहारा देना चाहते हैं। पहला वे वहां दिव्यांगों को ही उनके निर्माण का निशुल्क प्रशिक्षण देकर फैक्ट्री में रोजगार देना चाहते हैं। दूसरा, दिव्यांगों की जरूरत की सारी सामग्री किफायती दाम में यहीं उपलब्ध कराना चाहते हैं।


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अपनी जमा सारी पूंजी मकान निर्माण में लगा चुके सांवरमल को अपने प्रोजेक्ट के लिए आर्थिक सहयोग की उम्मीद है। इसके लिए वे उम्मीद की हर चौखट पर पहुंच रहे हैं। इसके लिए वे अपनी स्कूटी पर सुबह ही घर से निकल पड़ते हैं।

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Abhishek Pareek
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