अफसरों की गलती से सीकर के लोग इसलिए मारे बैठे हैं सरकार के सात करोड़ रुपए पर कुंडली

नगर परिषद सीकर 2009 के बाद बने कई भवनों की प्रोजेक्ट रिपोर्ट श्रम विभाग को नहीं दे रहा है।

By: vishwanath saini

Published: 22 Aug 2017, 05:41 PM IST

07 करोड़ का ‘सेस’ बकाया
2009 के बाद नगरपरिषद ने नहीं सौंपी रिपोर्ट
165 बहुमंजिला भवन
95 स्कूल, हॉस्टल, शोरूम

सीकर. श्रम विभाग और नगर परिषद का कारगुजारी के चलते नए भवन बनाने वालों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। वजह मकान की लागत पर सेस वसूलने को लेकर श्रम विभाग व नगर परिषद ने आंखे मूंद रखी हैं। नगर परिषद 2009 के बाद बने कई भवनों की प्रोजेक्ट रिपोर्ट श्रम विभाग को नहीं दे रहा है। वहीं जिम्मेदारों ने निजी भवन निर्माताओं से एक प्रतिशत सेस वसूलना तो दूर निर्माण कराने वालों का सर्वे तक नहीं करवाया है।

 

भवन निर्माण की लागत पर श्रमिकों के कल्याण के लिए निर्माताओं से वसूले जाने वाला कर ‘सेस’ श्रम विभाग द्वारा नहीं वसूला जा रहा है। नतीजतन सरकार को करोड़ों का राजस्व का नुकसान हो रहा है। भवन निर्माता तो राशि भुगतान से बच रहे हैं वहीं श्रम विभाग का आरोप है कि कई बार कवायद के बावजूद नगरपरिषद भवन निर्माताओं की सूची में देने में असमर्थता जता रही है। उधर श्रम विभाग इंस्पेक्टर नहीं होने का बहाना बना सर्वे से बच रहा है।

 

क्या हैं नियम


अधिनियम के अनुसार नगर परिषद या निकाय को प्लान का नक्शा स्वीकृत करने से पहले ही सेस की कटौती कर श्रम विभाग या लेबर बोर्ड को जमा करवाना होता है।

 

बहाने इनके भी...

श्रम विभाग भी इंस्पेक्टर नहीं होने से सर्वे नहीं कर रहा है। जबकि विभागीय अधिकारी खुद सर्वे कर भवन का मूल्यांकन कर सकते हैं।

निजी भवनों की प्रोजेक्ट रिपोर्ट नही देने से सेस की वसूली के लिए सर्वे नहीं हो पा रहा है। प्रशासन के जरिए नगर परिषद को सेस वसूली के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेजने व जिम्मेदारी तय करने के लिए कहा गया है।
-शारदा अग्रवाल, एस्सिटेंट लेबर कमिश्नर, सीकर


जल्द भवनों का नए सिरे से सर्वे कराकर वसूली की जाएगी। पिछले दिनों विभिन्न शिविरों में व्यस्त रहने के कारण यह कार्य नहीं हो सका। अब जल्द वसूली कराई जाएगी।
-जीवण खां, सभापति, नगर परिषद, सीकर

vishwanath saini Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned