scriptRTE Admission 2024: आरटीई एडमिशन में हजारों बच्चों की फ्री प्रवेश की आस टूटी, अभिभावकों की उम्मीदों को लगा झटका | RTE Admission 2024 Latest Update Parents and Children Hopes Of Free Admission Dashed | Patrika News
सीकर

RTE Admission 2024: आरटीई एडमिशन में हजारों बच्चों की फ्री प्रवेश की आस टूटी, अभिभावकों की उम्मीदों को लगा झटका

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश की लॉटरी प्रक्रिया के बाद सीकर व नीमकाथाना जिले के 27 हजार 450 बच्चों के अभिभावकों की उम्मीदों को झटका लगा है। लॉटरी में बच्चों का चयन नहीं होने पर अब वे अपने बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क नहीं पढ़ा सकेंगे।

सीकरMay 16, 2024 / 12:56 pm

Kirti Verma

RTE Admission 2024: शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश की लॉटरी प्रक्रिया के बाद सीकर व नीमकाथाना जिले के 27 हजार 450 बच्चों के अभिभावकों की उम्मीदों को झटका लगा है। लॉटरी में बच्चों का चयन नहीं होने पर अब वे अपने बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क नहीं पढ़ा सकेंगे। निजी स्कूलों में ही प्रवेश के लिए उन्हें अब बच्चों की फीस अदा करनी होगी या सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिलाना होगा। गौरतलब है कि आरटीई में निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए दोनों जिलों में 38 हजार 76 बच्चों के आवेदन हुए थे। इनमें से 10 हजार 626 बच्चों का ही चयन लॉटरी में हुआ। बाकी बच्चों के प्रवेश का सपना अधूरा ही रह गया। इससे अभिभावकों में निराशा है।
पिपराली ब्लॉक में सबसे ज्यादा आवेदन
आरटीई के तहत जिले में सबसे ज्यादा आवेदन पिपराली ब्लॉक में 12 हजार 319 बच्चों के हुए। बुधवार को निकाली गई लॉटरी में इनमें से दो हजार 842 बच्चों का लॉटरी में चयन हुआ। इसी तरह अजीतगढ़ ब्लॉक में 1313 में से 546, दांतारामगढ़ में 2922 में से 808, धोद में 1755 में से 691, फतेहपुर में 5550 में से 1327, खंडेला में 2110 में से 740, लक्ष्मणगढ़ में 2939 में से 728, नेछवा में 748 में से 232, नीमकाथाना में 2761 में से 868, पलसाना में 736 में से 337 तथा श्रीमाधोपुर ब्लॉक में 3258 में से 951 बच्चों का प्रवेश के लिए लॉटरी में चयन हुआ है।
एक स्कूल का करना होगा चयन
आरटीई के तहत प्रवेश के लिए लॉटरी में चयनित विद्यार्थियों की स्कूलों में रिपोर्टिंग 20 मई तक होगी। विद्यार्थियों को आवंटित पांच में से किसी भी एक स्कूल में रिपोर्टिंग ऑनलाइन होगी। इसके लिए आरटीई पोर्टल पर विद्यार्थी की पांचों स्कूलों का वरीयता क्रम दिखेगा। इनमें से प्रवेश की ज्यादा संभावना व सुविधा को देखते हुए अभिभावकों को बच्चों की रिपोर्टिंग करनी होगी। एक स्कूल में रिपोर्टिंग के बाद वह बाकी चार स्कूलों में प्रवेश की दौड़ से बाहर हो जाएगा। निजी स्कूल 24 मई तक दस्तावेजों की जांच करेंगे।
यह भी पढ़ें

हाईकोर्ट ने बहुमंजिला इमारतों के निर्माण पर लगाई रोक, यथास्थिति बनाए रखने के आदेश

अभिभावक बोले
आरटीई के तहत बच्चे के एडमिशन के लिए आवेदन किया था। लॉटरी प्रक्रिया में चयन नहीं होने पर बच्चे को अब सरकारी स्कूल में पढ़ाने को मजबूर हो गया हूं। सरकार को आरटीई के तहत सीटों की संख्या में इजाफा करना चाहिए।
विजेंद्र सिंह, अभिभावक, सीकर
लाटरी निकाल दी गई है…
आरटीई के तहत जिले की स्कूलों में प्रवेश के लिए लॉटरी निकाली जा चुकी है। चयनित विद्यार्थियों की ही 20 मई तक संबंधित पांच स्कूल में रिपोर्टिंग होगी। जहां दस्तावेज सत्यापन के बाद उनका चयनित स्कूलों में प्रवेश दे दिया जाएगा।
घीसाराम भूरिया, एडीईओ प्रारंभिक शिक्षा , सीकर
यह भी पढ़ें

राजस्थान में अचार संहिता हटते ही इस बड़ी योजना पर होगा काम, कई जिलों को मिलेगी राहत

25 फीसदी सीटों पर होता है निशुल्क प्रवेश
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई एक्ट) के तहत निजी स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर निशुल्क प्रवेश का प्रावधान है। ये प्रवेश आर्थिक रूप से कमजोर या निशक्त, अनाथ या आरक्षित वर्ग के बच्चों का होता है। इन निजी स्कूलों में प्रवेश के ऐवज राज्य सरकार स्कूलों को फीस की राशि का पुनर्भरण करती है।

Hindi News/ Sikar / RTE Admission 2024: आरटीई एडमिशन में हजारों बच्चों की फ्री प्रवेश की आस टूटी, अभिभावकों की उम्मीदों को लगा झटका

ट्रेंडिंग वीडियो