scriptScam in the name of enrollment in rajasthan Anganwadi centers | Scam: आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 40 फीसदी तक दोहरा नामांकन, राशन को लग रहा चूना | Patrika News

Scam: आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 40 फीसदी तक दोहरा नामांकन, राशन को लग रहा चूना

प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर नामांकन के फर्जीवाड़ा का खेल लगातार जारी है। कोरोना में बच्चों के सूखा राशन देने की पहल ने नामांकन के फर्जीवाड़े को और बढ़ा दिया।

सीकर

Published: April 22, 2022 01:35:07 pm

अजय शर्मा

सीकर. प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर नामांकन के फर्जीवाड़ा का खेल लगातार जारी है। कोरोना में बच्चों के सूखा राशन देने की पहल ने नामांकन के फर्जीवाड़े को और बढ़ा दिया। पत्रिका टीम ने प्रदेश के 25 जिलों के कुछ आंगनबाड़ी केन्द्रों पर जाकर पड़ताल की तो हालात चौंकाने वाले सामने आए। कई केन्द्रों पर नामांकित एेसे बच्चे भी सामने आए, जिनका नामांकन स्कूल के साथ आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी है। दरअसल, बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार कोरोनाकाल में सूखे राशन के तौर पर दिया गया। इस वजह से प्रदेशभर में अचानक 1.10 लाख से अधिक नामांकन बढ़ गया। जैसे ही स्कूल अनलॉक हुए तो नामांकन का फर्जीवाड़ा सामने आने लगा। अब हालात यह है कि जिन केन्द्रों पर नामांकन 30 तक पंजीकृत है वहां भी नियमित रूप से आठ से दस बच्चे ही पहुंच रहे हैं। फिलहाल प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर नौ लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। कई जिलों में दोहरे नामांकन की वजह से आंकड़ा 10 से 40 फीसदी तक फर्जी है। इस वजह से सरकार को हर महीने एक करोड़ की सीधे तौर पर चपत लग रही है। जानकारों का कहना है कि सरकार यदि नामांकन को आधार से लिंक कराए तो फर्जीवाड़ा बंद हो सकता है।

Scam: आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 40 फीसदी तक दोहरा नामांकन, राशन को लग रहा चूना
Scam: आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 40 फीसदी तक दोहरा नामांकन, राशन को लग रहा चूना

इसलिए बढ़ रहा फर्जीवाड़ा

1. बच्चे के नाम काटने का कोई नियम नहीं
आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चे के नामांकन के दौरान अभिभावकों से एक शपथ पत्र लिया जाता है कि बच्चे का दूसरे आंगनबाड़ी केन्द्र या स्कूल में नामांकन नहीं है। कोरोना गाइडलाइन की वजह से जो बच्चे नहीं आ रहे हैं उनके नाम काटने की कोई गाइडलाइन नहीं है।


2. योजनाएं आधार से लिंक, लेकिन नामांकन नहीं
सरकारी व निजी स्कूलों के बच्चों का नामांकन आधार से लिंक कर दिया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की दस से अधिक योजना भी आधार से जुड़ गई है, लेकिन विभाग की ओर से बच्चों के नामांकन को आधार से लिंक नहीं कराया गया। इसके लिए पिछले दिनों महिला पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके बाद बच्चों के आधार कार्ड बनाने की योजना कुछ ब्लॉकों में ही शुरू हो सकी।


3. पढ़ाई के लिए स्कूल, पोषाहार के लिए आंगनबाड़ी
बच्चों को अब प्री प्राइमरी से ग्रामीण व शहरी अभिभावक स्कूल भेजना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इनमें से कुछ अभिभावक राशन की चाह में अपने बच्चों का नामांकन केन्द्रों पर भी करा रहे हैं।

बच्चों के पोषाहार पर भी डाका

केस एक: सीकर में पिछले महीेने 50 लाख का घपला

सीकर जिले के श्रीमाधोपुर, खंडेला व नीमकाथाना ब्लॉक में पिछले महीने ही 50 लाख रुपए का घपला सामने आया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की शिकायत पर मामले का खुलासा हुआ। ठेकेदार की ओर से श्रीमाधोपुर थाने में मामला दर्ज कराया गया। कई महीनों से पोषाहार ही कम सप्लाई हो रहा था।

केस दो: कोटा में भी सामने आ चुका खेल

कोटा जिले की कई परियोजनाओं में खेल सामने आया है। यहां प्रति केन्द्र दो से तीन किलो सूखा राशन कम देने की शिकायत हुई है। इनमें से कुछ शिकायतों की अभी तक जांच जारी है। प्रदेश के 15 जिलों में खराब गुणवत्ता की दाल को लेकर भी जमकर विवाद हुए।

नामांकन में एेसे चल रहा फर्जीवाड़ा

भीलवाड़ा: मनमर्जी की हाजिरी, जांच व्यवस्था मजाक
रायपुर कस्बे में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की हाजिरी व्यवस्था मजाक है। यहां पत्रिका टीम को चार आंगनवाड़ी केंद्रों में से दो केंद्रों पर चार-चार बच्चे बैठे मिले। एक आंगनवाड़ी केंद्र पर तो एक भी बच्चा नहीं था। एक अन्य पर तो सुबह नौ बजे तक ताले लटके थे।


प्रतापगढ़: 25 में से तीन ही बच्चे मिले
बगवास कच्ची बस्ती में स्थित इस केन्द्र में नामांकन का पंजीयन 25 बच्चों का है। लेकिन पत्रिका टीम को तीन ही बच्चे मिले। जिले के अन्य केन्द्रों पर उपस्थिति का आंकड़ा कोरोना के बाद कम हुआ है। हालांकि कार्यकर्ताओं का कहना है कि गर्मी का भी असर है।


डूंगरपुर: आधे बच्चे भी नहीं मिले
साबला ब्लॉक में भी नामांकन का खेल पत्रिका टीम के सामने आया। गड़ा अरेडिया में 11 में से चार तथा गमेला रिंछा में 31 में से 15 की ही उपस्थिति मिली।


सवाईमाधोपुर: नामांकन 128, उपस्थित मिले 8
खैरदा स्थित लवकुश कॉलोनी में पंजीयन 128 का है। यहां महज 8 ही बच्चे मिले। सीकर जिले के दस से अधिक केन्द्रों की पड़ताल की तो यहां भी उपस्थिति का आंकड़ा काफी कम मिला। जहां 17 बच्चे पंजीकृत है वहां उपस्थिति आठ ही मिली।

विपक्ष: केन्द्रों पर सुविधा नहीं, ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी बंद
आंगनबाड़ी केन्द्रों को मॉडल के तौर पर विकसित कर पूर्व प्राथमिक शिक्षा के ढांचे को मजबूत किया गया। जिससे नामांकन बढ़ा था। अब केन्द्रों पर वजन तुलने की मशीनें भी खराब पड़ी है। खिलोना बैंक की योजना भी दम तोड़ चुकी है। पहले नामांकन की हकीकत जानने के लिए वाट्सएप गु्रपों के जरिए हर आंगनबाड़ी केन्द्र की फोटो मंगवाई जाती थी। लेकिन अब मानदेयकर्मियों को मोबाइल रिचार्ज के पैसे नहीं मिलने से यह योजना भी बंद हो गई।
अनिता भदेल, पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री

सत्ता पक्ष: अगले महीने तक मशीनें, 750 करोड़ से बदलेगी सूरत
प्रदेश के 25 हजार केन्द्रों की 750 करोड़ से सूरत बदली जाएगी। इन केन्द्रों पर नंदघर योजना के तहत सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। जल्द ही वजन तुलने वाली नई मशीनें भी उपलब्ध होगी।
- ममता भूपेश, महिला एवं बाल विकास मंत्री, (पिछले दिनों एक कार्यक्रम में कहा)

राजस्थान में 1975 से हुई थी शुरुआत
प्रदेश में राष्ट्रीय बाल नीति 1974 के सिद्धांतों की पालना करते हुए राज्य सरकार ने 2 अक्टूबर 1975 को बांसवाड़ा की गढी पंचायत समिति से आंगनबाड़ी की शुरुआत की थी। वर्तमान में 304 परियोजना संचालित हैं। इनके जरिए 62 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

ज्योतिष: ऊंची किस्मत लेकर जन्मी होती हैं इन नाम की लड़कियां, लाइफ में खूब कमाती हैं पैसाशनि देव जल्द कर्क, वृश्चिक और मीन वालों को देने वाले हैं बड़ी राहत, ये है वजहताजमहल बनाने वाले कारीगर के वंशज ने खोले कई राजपापी ग्रह राहु 2023 तक 3 राशियों पर रहेगा मेहरबान, हर काम में मिलेगी सफलताजून का महीना इन 4 राशि वालों के लिए हो सकता है शानदार, ग्रह-नक्षत्रों का खूब मिलेगा साथJaya Kishori: शादी को लेकर जया किशोरी को इस बात का है डर, रखी है ये शर्तखुशखबरी: LPG घरेलू गैस सिलेंडर का रेट कम करने का फैसला, जानें कितनी मिलेगी राहतनोट गिनने में लगीं कई मशीनें..नोट ढ़ोते-ढ़ोते छूटे पुलिस के पसीने, जानिए कहां मिला नोटों का ढेर

बड़ी खबरें

भीषण गर्मी : देश में 140 में से 60 बड़े बांधों का पानी घटा, राजस्थान के भी तीन बांधमंकीपॉक्स पर WHO की आपात बैठक में अहम खुलासा: यूरोप में अब तक 100 से अधिक मामलों की पुष्टि, जानिए 10 अपडेटJNU कैंपस में एमसीए की छात्रा से रेप, आरोपी छात्र गिरफ्तारकैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में बोले राहुल गांधी, भारत में ठीक नहीं हालात, BJP ने चारों तरफ केरोसिन छिड़क रखा हैकर्नाटक में बड़ा हादसाः बारातियों से भरी गाड़ी पेड़ से टकराई, 7 की मौत, 10 जख्मीजल्द ही कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू करेगा जेट एयरवेज, DGCA ने दी मंजूरीमाता वैष्णो देवी के प्रमुख पुजारी अमीर चंद का निधन, जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल सहित कई नेताओं ने जताया दुखज्ञानवापी मस्जिद केसः प्रोफेसर रतन लाल की गिरफ्तारी पर हंगामा, DU में छात्रों का प्रदर्शन
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.