एक दिन में एकत्रित हुए 5 करोड़...बाल सभा की इस राशि को खर्च करेंगे स्कूल

एक दिन में एकत्रित हुए 5 करोड़...बाल सभा की इस राशि को खर्च करेंगे स्कूल

Gaurav kanthal | Updated: 14 Jun 2019, 05:50:48 PM (IST) Sikar, Sikar, Rajasthan, India

प्रदेश में नौ मई को हुई बाल सभाओं में लगभग पांच करोड़ रुपए की राशि एकत्रित हुई है। अब इस राशि से संस्था प्रधान विद्यालय विकास समिति के प्रस्तावों के आधार पर स्कूलों को चमका सकेंगे।

सीकर. शिक्षा विभाग का बाल सभाओं में नवाचार का नया फॉर्मूला सरकारी स्कूलों की नब्ज सुधार की दिशा में कदमताल करने लगा है। प्रदेश में नौ मई को हुई बाल सभाओं में लगभग पांच करोड़ रुपए की राशि एकत्रित हुई है। अब इस राशि से संस्था प्रधान विद्यालय विकास समिति के प्रस्तावों के आधार पर स्कूलों को चमका सकेंगे। दूसरी तरफ बाल सभाओं की वजह से ग्रामीणों का स्कूलों से जुड़ाव भी बड़ा है। अब शिक्षा विभाग ने विद्यालय समितियों में जमे वर्षो पुराने निष्क्रिय सदस्यों को हटाने की तैयारी कर ली है। इस संबंध में शिक्षा राज्य मंत्री ने सभी विद्यायकों को पत्र भी लिख दिया है।
विद्यायकों को पत्र
शिक्षा राज्य मंत्री ने प्रदेश के सभी विधायकों को पत्र लिखकर विद्यालय विकास समितियों में सक्रिय सदस्यों का मनोनयन कराने की बात कही है। शिक्षा मंत्री की जानकारी में आया कि कई विद्यालयों की विद्यालय विकास समिति सक्रिय रुप से काम नहीं कर रही है। इस पर उन्होंने विद्यालय विकास समितियों की कार्यकारिणी में फेरबदल करने के निर्देश दिए है।
सत्र की शुरूआत के साथ ही प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में दो जुलाई को विशेष बाल सभाएं होनी है। इसके लिए भी सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी हो गए है। इसमें मुख्य तौर पर नामांकन अभियान को लेकर चर्चा होगी। वहीं सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वालों का सम्मान होगा।
ऐसे समझें फायदे के गणित को
आर्थिक: बिजली-पानी सहित सुविधाएं मिलेंगी
निजी स्कूलों को भी देंगे टक्कर प्रदेश की कई सरकारी स्कूलों में अभी भी बिजली-पानी, फर्नीचर सहित अन्य मुलभूत सुविधाएं नहीं है। ऐसे में कई विद्यालयों में नामांकन भी काफी है। लेकिन विद्यालयों में संसाधन बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। बाल सभाओं के जरिए सीधा पैसा आने से संस्था प्रधान अपने हिसाब से कई सुविधा जुटा सकेंगे। ऐसे में आगामी समय में कई सरकारी स्कूल संसाधनों से हाईटेक होने पर निजी को भी टक्कर देते हुए नजर आएंगे।
शैक्षणिक: अभिभावकों को पता चलेगी हकीकत
बच्चों की पढ़ाई की हकीकत सामनेबाल सभाओं में बच्चों की शैक्षणिक स्थिति को लेकर भी चर्चा होती है।
ऐसे में अभिभावकों को यह पता लग पा रहा है कि उनके बच्चे की क्लास में क्या स्थिति है। खास बात यह है कि ग्रामीण बाल सभाओं के जरिए संस्था प्रधान व शिक्षकों को सुझाव भी दे सकेंगे।
सामाजिक: जुड़ाव से बढ़ेगा नामांकन
बाल सभाओं के जरिए ग्रामीणों का सरकारी विद्यालयों से जुड़ाव भी बढ़ा है। इसका फायदा स्कूलों को दूसरे चरण के नामांकन अभियान के दौरान मिल सकता है। कई स्थानों पर ग्रामीणों का जुड़ाव बिल्कुल खत्म हो गया था। इस कारण नामांकन भी घट गया था। लेकिन इस अभियान के बाद नामांकन का ग्राफ बढऩे की उम्मीद भी जगी है।

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