खुलेंगे स्कूल, 30 हजार परिवारों के रोजगार के लिए तैयार होगा रोडमैप

सीकर.कोरोना की वजह से आठ महीनों से लॉक स्कूल व कोचिंग के अब खुलने की आस जगी है। सरकार ने स्कूल व कोचिंग को लेकर एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी कर दी है।

By: Sachin

Published: 28 Oct 2020, 02:10 PM IST

सीकर.कोरोना की वजह से आठ महीनों से लॉक स्कूल व कोचिंग के अब खुलने की आस जगी है। सरकार ने स्कूल व कोचिंग को लेकर एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी कर दी है। यदि अब सरकार की एसओपी पर जिला प्रशासन की मुहर लगती है तो यहां के 30 हजार से ज्यादा परिवारों को रोजगार का दीवाली पर बड़ा तोहफा मिल सकता है। जिला प्रशासन की ओर से जल्द स्कूल व कोचिंग प्रतिनिधियों से बातचीत की जाएगी। इसके बाद स्कूल व कोचिंग को अनलॉक करने की दिशा में कोई निर्णय होगा। सीकर जिले पर ज्यादातर जिलों की निगाह इसलिए भी है क्योंकि यहां 30 जिलों से ज्यादा के विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आते है। जिला प्रशासन के निर्णय का विद्यार्थियों के साथ अभिभावक, व्यापारी व निजी शिक्षकों को इंतजार है। राजस्थान पत्रिका ने इस मामले में जिला कलक्टर से लेकर स्कूल व कोचिंग संचालक एवं एक्सपर्ट से भी बातचीत की। सभी ने एकराय में यही कहा कि स्कूल व कोचिंग निश्चित तौर पर खुले लेकिन संक्रमण को रोकना भी बड़ी चुनौती रहेगी।


तो 30 हजार मिल सकेगा दीवाली का तोहफा

नवलगढ़ रोड व पिपराली रोड पर विद्यार्थियों की वजह से लगभग 30 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर से रोजगार मिल हुआ था। लेकिन लॉकडाउन की वजह से इनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। इलाके के कई परिवारों ने मजबूरी में दूसरे धंधे भी शुरू कर दिए।

शहर की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार विद्यार्थी
शहर की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार विद्यार्थी है। सीकर शहर में रहने वाले विद्यार्थी फीस के अलावा औसतन रहने-खाने सहित अन्य खर्चों पर हर महीने दस से बारह हजार रुपए खर्च करता है। लेकिन पिछले आठ महीने से विद्यार्थियों के नहीं होने की वजह से इलाके में व्यापार पूरी तरह ठप है।


दुकानों से ताले खुले लेकिन आमदनी नहीं

स्कूल, कोचिंग व कॉलेज नहीं खुलने से विद्यार्थी अभी सीकर नहीं लौटे हैं। अनलॉक में छूट मिलने के बाद पिपराली रोड व नवलगढ़ रोड इलाके की अधिकतर दुकान तो खुल गई लेकिन आमदनी नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि यहां पूरा व्यापार विद्यार्थियों की वजह से था। ऐसे में सरकार व जिला प्रशासन को कोविड गाइडलाइन की पालना के साथ कोचिंग, स्कूल व कॉलेजों को खोल देना चाहिए।

फैक्ट फाइल

70 हजार से अधिक विद्यार्थी हर साल लेते हैं कोचिंग
1300 से अधिक हॉस्टल हैं सीकर में

1700 पीजी का संचालन
900 मैस होती है संचालित

43000 लोगों को मिलता है प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार

सोशल डिस्टेंस के लिए बढ़ेंगे सेक्शन, कई जगह बढ़ेगी पारी

स्कूल व कोचिंग संचालकों का कहना है कि पहले जिस तरह कक्षाएं संचालित करते थे, अब वह बदल जाएगा। कोचिंग परिसर में प्रवेश से लेकर क्लासरूम में भी सोशल डिस्टेंसिंग पर फोकस किया जाएगा। पहले जिन कक्षाओं में 70 से 100 विद्यार्थी बैठते थे, अब 30 से 40 विद्यार्थियों के हिसाब से सेटअप जमाया गया है। वहीं कई स्कूल संचालकों ने दो पारियों में भी स्कूल चलाने की तैयारी कर ली है।


और यह बोले सीकर के शिक्षण संचालक


कोरोना गाइडलाइन की पालना के साथ मिल मंजूरी

कोरोना से लगातार हमारी जंग जारी है। विद्यार्थियों का कॅरियर भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में राज्य सरकार की गाइडलाइन की पालना करते हुए जिला प्रशासन को भी अपनी एसओपी जारी करनी चाहिए। सभी शिक्षण संस्थाओं की भी जिम्मेदारी है कि वह मास्क, सोशल डिस्टेंस व सेनेटाइज का पूरा ध्यान रखें। सीकर की अर्थव्यवस्था में भी शिक्षा जगत का महत्वपूर्ण रोल है। इसलिए अब प्रशासन को सभी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए।
श्रवण चौधरी, सीएलसी कोचिंग निदेशक


बोर्ड विद्यार्थियों के लिए ऑफलाइन पढ़ाई जरूरी

विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों महत्वपूर्ण विषय है। बोर्ड ने परीक्षा फार्म भरवाना भी शुरू कर दिया है। ऐसे में अब बोर्ड परीक्षाओं की ऑफलाइन कक्षाएं जरूरी हो गई है। इसके लिए गाइडलाइन के तहत स्कूलों का संचालन सुनिश्चित किया जाए।
डॉ. पीयूष सुण्डा, निदेशक, प्रिंस एज्युहब, सीकर


जिला कलक्टर अविचल चतुर्वेदी से पत्रिका की बातचीत


पत्रिका: राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को स्कूल व कोचिंग खोलने के लिए अधिकृत किया है। ऐसे में सीकर जिला प्रशासन का क्या रोडमैप रहेगा।
कलक्टर: स्कूल व कोचिंग खोलने के साथ सबसे ज्यादा जरूरी है कि संक्रमण को रोकना। इसके लिए शिक्षा विभाग व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेंगे। इसके बाद जिले का रोडमैप तैयार करेंगे। सीकर जिले की चुनौती इसलिए भी ज्यादा है कि यहां सबसे ज्यादा विद्यार्थी है।

पत्रिका: पहले चरण में कौनसी कक्षा के स्कूल खोले जाने की योजना है।
कलक्टर: पहले चरण में कक्षा दसवीं से बारहवीं की कक्षा के विद्यार्थियों को बुलाने की योजना है।

पत्रिका: शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधियों की तैयारी के बारे में कोई जानकारी जिला प्रशासन ने जुटाई है क्या।
कलक्टर: जिले के प्रमुख स्कूलों के संचालक, स्कूल संचालन समिति के पदाधिकारी, कोचिंग के प्रतिनिधि, शिक्षा व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की जल्द संयुक्त बैठक बुलाएंगे। इसमें सभी की तैयारियों की समीक्षा भी होगी।

पत्रिका: कब तक बैठक बुलाने की योजना है।
कलक्टर: अभी राज्य सरकार ने आदेश जारी किए है। जिला प्रशासन चाहता है कि बैठक में सभी की भागीदारी हो। इसलिए आगामी एक-दो दिनों में बैठक बुला ली जाएगी।

पत्रिका: स्कूल व कोचिंग में संक्रमण रोकने के लिए प्रांरभिक तौर की कार्ययोजना।
कलक्टर: स्कूल व कोचिंग के विद्यार्थियों के साथ शिक्षक, अभिभावक व अन्य कर्मचारियों को संक्रमण से बचाने के लिए तीन प्लान अहम है। सबसे पहले सभी विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। इसके बाद स्कूल व कोचिंग संचालकों को कैम्पस को सेनेटाइज कराने के साथ मास्क व सोशल डिस्टेंस की पालना कराने के निर्देश दिए जाएंगे। कक्षा दसवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थी भी खुद काफी जागरुक होते है उनको भी कोरोना गाइडलाइन की पालना करने का संकल्प दिलाया जाएगा।

पत्रिका: विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल को भी अभी खोला जा सकता है क्या।
कलक्टर: इस बारे में बैठक के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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