रैंकिंग बढ़ाने के लिए स्कूलों पर नकेल

रैंकिंग बढ़ाने के लिए स्कूलों पर नकेल

Bhagwan Sahai Yadav | Updated: 09 Oct 2019, 05:46:35 PM (IST) Sikar, Rajasthan, India

सरकारी स्कूलों में ज्ञान संकल्प पोर्टल पर भामाशाहों द्वारा राशि जमा करने पर स्वत: ८० जी की छूट मिलने के बाद भी ८० जी में पंजीयन के लिए डंडा चलाया जा रहा है।

सीकर. सरकारी स्कूलों में ज्ञान संकल्प पोर्टल पर भामाशाहों द्वारा राशि जमा करने पर स्वत: ८० जी की छूट मिलने के बाद भी ८० जी में पंजीयन के लिए डंडा चलाया जा रहा है। प्रदेश में १३५०० स्कूलों के विकास के लिए हर साल करोड़ों रुपए का भामाशाह दान कर रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से रैंकिंग बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने प्रत्येक स्कूल को ८० जी के रजिस्ट्रेशन को लेकर बाध्य कर रखा हैं। इससे हर साल प्रदेश के सरकारी स्कूलों पर ८ करोड़ रुपए का भार बढ़ेगा।

स्कूलों पर बढ़ेगा भार

८० जी के रजिस्ट्रेशन चार्ज के साथ हर साल प्रत्येक स्कूल को पांच से छह हजार रुपए सीए पर खर्च करने होंगे। स्कूलों पर पढऩे वाले अतिरिक्त खर्च को लेकर शिक्षक परेशान हैं। जबकि रैंकिंग के अलावा इस रजिस्ट्रेशन से स्कूलों को कोई लाभ नहीं मिलने वाला हैं। क्योंकि जो छूट ८० जी में मिलनी है, वो ज्ञान संकल्प पोर्टल के माध्यम से पहले से ही मिल रही हैं। इस फैसले को बदलने के लिए कई शिक्षक संगठन आवाज उठा चुके हैं। लेकिन राज्य सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही हैं।

इनका कहना है

ज्ञान संकल्प पोर्टल पर भामाशाह द्वारा राशि जमा करवाने पर ८० जी की छूट स्वत: ही मिलती है, तो फिर स्कूलों को ८० जी के रजिस्ट्रेशन के लिए बाध्य क्यों किया जा रहा है।

उपेंद्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत)

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