कड़ाके की ठंड की चपेट में आया पूरा शेखावाटी, लोगों की छूटी धूजणी

ओखी चक्रवात और कश्मीर में बर्फबारी के बाद पिछले दो दिन से लगातार न्यूनतम पारा लगातार गोता लगा रहा है। फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र पर शुक्रवार को

By: vishwanath saini

Updated: 09 Dec 2017, 01:28 PM IST

तेज सर्दी ने गिराया तापमान कड़ाके की ठडं से छूटी धूजणी
सीकर. ओखी चक्रवात और कश्मीर में बर्फबारी के बाद पिछले दो दिन से लगातार न्यूनतम पारा लगातार गोता लगा रहा है। फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र पर शुक्रवार को न्यूनतम पारे में 4.7 डिग्री की गिरावट आ गई और न्यूनतम पारा जमाव बिन्दु के करीब पहुंच गया है। सीकर में शुक्रवार को मौसम के पूरी तरह से साफ हो जाने के बाद शेखावाटी क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू हो गया है। बीती रात से सर्दी से बचाव के तमाम उपाय बौने हो गए। सुबह व शाम हाडक़ंपाऊ सर्दी के कारण लोग खड़े-खड़े धूजते रहे। सबसे अधिक परेशानी दुपहिया वाहन चालकों को हुई।

मौसम साफ होने के बावजूद गलन का अहसास हुआ। हवा में नमी 87 व 25 प्रतिशत रही। सुबह सर्दी के मिजाज तीखे रहे। उत्तर पूर्वी गलन भरी हवाएं 2.9 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली। हवा के मिजाज तीखे रहने पर वाहन चालकों की कंपकंपी छूट गई। शाम को सूरज ढलते ही सर्दी ने फिर से शिकंजा कस लिया। सर्दी से बचाव के लिए लोग पूरी तरह से गर्म कपड़ों में लदे नजर आए। जगह-जगह अलाव तापा गया। सुबह से धूप खिलने के बाद भी लोग ठिठुरते रहे।

अब पड़ेगी कड़ाके की सर्दी
बादल छंटने के बाद न्यूनतम व अधिकतम तापमान नीचे आएंगे और कड़ाके की सर्दी पड़ेगी। न्यूनतम पारा जमाव बिन्दू से नीचे चला जाएगा। पाला गिरने से रबी की फसलों का उत्पादन प्रभावित होगा। फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र पर न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री व अधिकतम तापमान 24.5डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार साफ मौसम के बाद अब बर्फानी हवा चलने से आगामी सप्ताह तक कोल्ड वेव की स्थिति बन जाएगी।

 

फसलों पर पड़ेगा असर
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गिरते तापमान से रबी फसल को पाले व शीतलहर से बचाने की मार झेलनी पड़ सकती है। इस समय सरसों की फसल में फूल आ रहे है। इस समय पडऩे वाली सर्दी से फसल को नुकसान की आशंका है। ऐसे में किसान पाले से बचाव के लिए फसलों में गंधक के तेजाब का छिडक़ाव करें। फलदार बगीचे को टाट या मंूज से पूर्व, पश्चिम व उत्तर दिशा से ढक दें। इसके अलावा गेहूं, जौ व सरसों में सिंचाई यूरिया का छिडक़ाव करने से फसलों की बढ़वार के साथ पौधे को गर्मी भी मिलेगी। कोहरे के साथ गिरने वाली ओस की बूंदों की नमी मिलने से गेहंू व जौ की फसलों को फायदा होगा।

vishwanath saini Desk
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