गूंजा मिनी सचिवालय का मुद्दा, सरकार को भेजेंगे प्रस्ताव

धोद पंचायत समिति की साधारण सभा की बैठक में कई मुद्दों पर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान कई सदस्यों ने मिनी सचिवालय की मांग को लेकर सरकार को जमकर घेरा। सदस्यों ने कहा कि सुराज संकल्प यात्रा के समय तो सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए। लेकिन अब हकीकत जनता के सामने है

By: vishwanath saini

Published: 20 Jul 2018, 06:09 PM IST

सीकर. धोद पंचायत समिति की साधारण सभा की बैठक में कई मुद्दों पर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान कई सदस्यों ने मिनी सचिवालय की मांग को लेकर सरकार को जमकर घेरा। सदस्यों ने कहा कि सुराज संकल्प यात्रा के समय तो सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए। लेकिन अब हकीकत जनता के सामने है। प्रधान ओमप्रकाश झीगर की मौजूदगी में हुई बैठक में सबसे ज्यादा सार्वजनिक निर्माण विभाग, पानी, बिजली, चिकित्सा व शिक्षा के गूंजे। बैठक में मूंडवाड़ा सरपंच महावीर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। पंचायत समिति सदस्य कुलदीप रणवां ने बैठक में कई मामलों में अधिकारियों को जमकर घेरा। बैठक में बिजली कनेक्शनों में बीपीएल की स्थिति सामने नहीं आने पर भी कई जनप्रतिनिधि तैश में आ गए। जनप्रतिनिधयों ने बताया कि दो वर्ष पहले बाड़लवास में १४ बीपीएल परिवारों ने कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, लेकिन छह परिवारों को कनेक्शन जारी हो गया। इस पर एसडीएम भावना गर्ग ने पिछली बैठक में निर्देश देने के बाद भी एक परिवादी को कनेक्शन नहीं देने के मामले में फटकार लगाई। पेयजल कनेक्शनों में दुजोद सरपंच लक्ष्मण सिंह शेखावत ने २०० अवैध कनेक्शनों को लेकर खरी-खोटी सुनाई। चिकित्सा का मुद्दा आने पर ज्यादातर सदस्यों ने एक ही समस्या बताई कि साहब अस्पतालों में चिकित्सक नहीं मिलते है। लोगों को निजी अस्पताल जाना पड़ता है। इस पर उपखंड अधिकारी ने कहा किसी भी तरह की शिकायत आप मुझे वॉट्सअप कर सकते है। इस दौरान पंचायत समिति सदस्य मदनलाल मेघवाल, सरपंच चूनाराम फौजी, पंचायत समिति सदस्य सुरेश थालोड़, लक्ष्मण सिंह, सरपंच पोखर रणवां, सदस्य ताराचंद भूकर, सरपंच जितेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

कार्मिक को हटाने पर भड़के कर्मचारी

सीकर. एसके अस्पताल में कार्यरत कार्मिक को हटाने पर बीएसबीवाई मार्ग दर्शकों ने भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना से जुडे़ काउंटरों को बंद रखने की चेतावनी दी है। कार्मिकों का कहना है कि एनजीओ ने द्वेषतापूर्ण कार्रवाई कर कर्मचारी को हटाया है। बेवजह की गई कार्रवाई का विरोध किया जाएगा और भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के काउंटरों को बंद रखने का फैसला लिया जाएगा। इधर, एनजीओ की सिफारिश पर आरएमआरएस के सदस्य सचिव ने अस्पताल के नर्सिंग अधीक्षक को निर्देश जारी कर हटाए गए कार्मिक की जगह दूसरे कर्मचारी की सेवा लेने का आदेश जारी भी कर दिया है। अस्पताल में कार्यरत भामाशाह स्वास्थ्य मार्ग दर्शकों ने उनके साथ हो रहे शोषण की शिकायत कलक्टर को सौंपी थी। उन्होंने निर्धारित से कम भुगतान देने के आरोप लगाए थे। कार्मिकों के अनुसार समस्या का समाधान तो किया नहीं आवाज उठाने वाले कार्मिक को जरूर हटा दिया गया है।

 

vishwanath saini Desk
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