सीकर सांसद सुमेदानंद का कारनामा, एक ही सड़क का दो बार कर डाला शिलान्यास

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Vishwanath Saini

September, 1303:37 PM

Sikar, Rajasthan, India

रींगस (सीकर).
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 नजदीक आते ही राजनेताओं में श्रेय लूटने की होड शुरू हो गई है। इस होड़ के चलते नेता शिलान्यास पर दुबारा शिलान्यास करने से भी नहीं चूक रहे हैं। ऐसा ही एक रोचक मामला बुधवार को देखने को मिला जब राजस्थान के सीकर जिले के रींगस थाना इलाके के गांव दादिया रामपुरा से बधाल तक के सडक़ मार्ग का शिलान्यास हुआ। इस आठ किमी सडक़ के दोनों किनारों पर सडक़ निर्माण का दो बार शिलान्यास किया गया है।


पिछले दिनों खंडेला विधानसभा के जनसंवाद कार्यक्रम में लोगों ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से बिना सडक़ हो रही परेशानी से अवगत कराया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ही सडक़ की घोषणा की थी। इस सड़क का आधा हिस्सा जयपुर जिले में आता है तथा आधा हिस्सा सीकर जिले में आता है। आठ किमी के सड़क मार्ग के लिए 2.5 करोड़ रुपए का बजट जारी हुआ था। चार दिन पहले 9 सितम्बर 2018 को बधाल में सीकर सांसद सुमेधानन्द सरस्वती व फुलेरा विधायक निर्मल कुमावत ने शिलान्यास किया था।


बुधवार उसी सडक़ का दादियारामपुरा में चिकित्सा राज्यमंत्री बंशीधर बाजिया व सांसद सुमेधानन्द सरस्वती ने दुबारा से शिलान्यास कर दिया। एक ही सडक़ का दो स्थानों पर दो बार शिलान्यास होना गांव के लोगों के लिए चर्चा का विषय रहा। कार्यक्रम में चिकित्सा राज्यमंत्री व सांसद ने उपस्थित लोगों को सरकारी योजनाओं के बारे में गिनाया। इस दौरान जिला परिषद सदस्य महेन्द्र सिंह धायल व आस पास के गांवों के सरपंच तथा ग्रामीण जन मौजूद रहे।

 

मासूम को लिखा दवा का हाईडोज


पलसाना. बाय कस्बे में बुधवार को छापेमारी के दौरान एक झोलाछाप चिकित्सक को दांतारामगढ़ बीसीएमओ ने मौके पर पकड़ लिया। पहले तो तथाकथित चिकित्सक अशोक पहले तो अपने पास प्रेक्टिस का लाइसेंस बताता रहा। लेकिन, इसके बाद जांच की गई तो लाइसेंस फर्जी निकला। बीसीएमओ डा. भरत सिंह ने बताया कि उन्हें पिछले कई दिनों से तथाकथित चिकित्सक के खिलाफ शिकायत मिल रही थी। मौके पर जाने से पता चला कि चिकित्सक अशोक के पास प्रेक्टिस की डिग्री नहीं है।


इसके अलावा उसके पास दो मरीज उपचार कराते हुए मिले। जिनमें एक पांच साल के बच्चे को संबंधित चिकित्सक ने दवा का हाईडोज लिख रखा था। जो कि, इतनी कम उम्र के बच्चे को दिया जाना गलत है। चिकित्सक के क्लीनिक से कुछ दवा बरामद हुई है। पास में एक मेडिकल स्टोर भी संचालित हो रहा था।

 

दवा देने में उसकी भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। फिलहाल क्लीनिक से बरामद चिकित्सक के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। दोषी साबित होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बीसीएमओ के अनुसार इससे पहले भी संबंधित चिकित्सक को नोटिस जारी किया जा चुका है।

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