कच्ची बस्ती की बेटी की शादी के लिए नहीं थे रुपए, फिर यूं धूमधाम से विदा हुई बारात

राजस्थान के सीकर शहर में एक शादी चर्चा का विषय बन गई है। शादी कच्ची बस्ती में रहने वाली एक बेटी की थी।

By: Sachin

Published: 28 Jul 2021, 12:55 PM IST

सीकर. राजस्थान के सीकर शहर में एक शादी चर्चा का विषय बन गई है। शादी कच्ची बस्ती में रहने वाली एक बेटी की थी। जिसके माता- पिता माली हालत कमजोर होने की वजह से उसकी शादी नहीं कर पा रहे थे। पर वही शादी फिर पूरे रस्मों रिवाज से धूमधाम से हुई। जिसमें बारातियों को शानदार भोजन करवाने के साथ पौधे बांटकर पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश भी इस शादी में दिया गया। दरअसल परिवार के खराब आर्थिक हालात देख इक ख्वाहिश एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से यह शादी अपने कार्यालय परिसर में ही करवाई गई। जिसके काफी लोग गवाह बने।

शादी करने में असमर्थ था परिवार
यू अनूठा निकाह कच्ची बस्ती की आशमा और बबलू का हुआ। जानकारी के मुताबिक आशमा के माता पिता कमजोर आर्थिक हालात होने क वजह से शादी कर पाने में असमर्थ थे। इस पर इक ख्वाहिश एजुकेशन फाउंडेशन सुनीता चौधरी को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने यह निकाह करवाना तय किया। इसके बाद निकाह की मेहंदी सहित सारी रस्में एनजीओ ने अपने खर्च पर करवाई। बारातियों को अच्छा खाना खिलाने के साथ एनजीओ ने निकाह के बाद दुल्हन को एक सिलाई मशीन और 11 हजार रुपए नगद देकर विदा किया।

मेहमानों को दिए पौधे
आशमा व बबलू के इस निकाह में पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया गया। निकाह में जो भी मेहमान आए उन्हें पौधे दिए गए। जिन्हें लगाने के साथ उनका संरक्षण करने की अपील भी उनसे की गई। मेहमानों ने भी इस निकाह की काफी प्रशंसा की।

इनकी रही भूमिका
कच्ची बस्ती के परिवारों के इस निकाह में एनजीओ टीम सदास्य रंभा सिंह, पूनम कंवर,कल्याणी जी, मनोज सुंधा बिंदु सैनी, सुषमा शाह, दीपा राय, निकिता साहू आदि इस के अलावा आजाद ग्रुप के सदस्य,एस. चौधरी, डॉ विक्रम सिंह, डॉक्टर झाबर मल, कान सिंह मावलिया अधिवक्ता देवलाल आदि की भी अहम भूमिका रही।

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