पिता की मौत के अगले ही दिन बेटे ने भी छोड़ी दुनिया, एक हादसे में उजड़ गया पूरा परिवार

Sikar Gas Cylinder Blast : शेखपुरा कुरैशी क्वार्टर में हुए गैस सिलेंडर हादसे ने एक पूरे परिवार की जिंदगी उजाड़ दी। एक दिन पहले पिता की मौत और दूसरे ही दिन जवान बेटे ( Son Died After Father ) की मौत ने परिवार के जख्मों को और गहरा कर दिया। आग की लपटों में झुलसे श्यामलाल ने जयपुर में देर रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

By: Naveen

Published: 18 Feb 2020, 12:54 PM IST

सीकर।
Sikar Gas Cylinder Blast : शेखपुरा कुरैशी क्वार्टर में हुए गैस सिलेंडर हादसे ने एक पूरे परिवार की जिंदगी उजाड़ दी। एक दिन पहले पिता की मौत और दूसरे ही दिन जवान बेटे ( Son Died After Father ) की मौत ने परिवार के जख्मों को और गहरा कर दिया। आग की लपटों में झुलसे श्यामलाल ने जयपुर में देर रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले नंदलाल व चंद्रमल की भी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतक चंद्रमल व श्यामलाल पिता-पुत्र थे। दो दिन में पिता-पुत्र की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। श्यामलाल का शव शाम तक सीकर पहुंचेगा। हादसे में घायल 15 में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। एक-दो की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। मृतक चंद्रमल व नंदलाल का दोपहर बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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पूरा परिवार उजड़ा
मृतक नंदलाल परिवार के साथ अजमेर से सीकर में आया था। यहां कुरैशी क्वार्टर में ही पैंतीस सौ रुपए में किराए पर कमरा लेकर रहने लगे। ठेला चलाकर परिवार का गुजारा करने लगा। साथ ही कालू भी ढाबे पर ही 6 हजार रुपए महीने में काम करने लग गया। परिवार के अन्य लोग भी छोटा-मोटा काम करने लगे। सब कुछ सामान्य चल रहा था कि 6 महीने पहले प्रशासन की ओर से जर्जर मकान होने पर खाली करने का नोटिस मिला। तब परिवार के लोग पड़ोस में ही शिफ्ट हो गए। यहां गैस हादसे ने पूरे परिवार को चपेट में ले लिया। एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में परिवार के सभी लोग झुलस गए।

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चपेट में आया पूरा परिवार
गैस हादसे में नंदलाल, पत्नी जयंती, चंद्रमल के भाई अर्जुनदास, बेटा वासुदेव, चेतनदास व श्यामलाल के अलावा शकील अहमद, सत्यनारायण भी चपेट में आ गए थे। पूरा परिवार काफी समय से आर्थिक स्थिति से जूझ रहा था। परिवार के लोग प्लास्टिक के सामान बेच कर गुजारा कर रहे थे। चंद्रमल भी ऑटो चलाकर गुजारा करते थे।

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