राज्यमंत्री राजकुमार रिणवां सीकर से इसलिए नहीं खुश, वजह भी वाजिब

कलक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री राजकुमार रिणवां ने अधिकारियों को कहा कि काम में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Vishwanath Saini

01 Aug 2017, 01:11 PM IST

सरकार की विकास योजनाओं की धीमी प्रगति से जिले के प्रभारी मंत्री राजकुमार रिणवां खुश नहीं हैं। कलक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को कहा कि काम में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आपके काम को जनता के साथ भगवान भी देख रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में पट्टा वितरण से लेकर विकास की योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं है। पट्टा वितरण के फालोअप शिविरों में अधिक पट्टों का वितरण किया जाए, जिससे जनता को लाभ मिल सके।


 बैठक में प्रभारी मंत्री ने रींगस, रामगढ़ शेखावाटी, खण्डेला, लोसल के अधिशासी अधिकारियों को पट्टा वितरण कार्य में गति लाने के लिए कहा। खंडेला और लोसल के अधिशासी अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि कार्य में प्रगति नहीं होने पर वे परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे। 


 जिले के प्रभारी सचिव मंजीत सिंह ने नगरीय निकायों से जुड़े अधिकारियों से कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्त, पूर्ण स्वच्छ और सुन्दर बनाने के लक्ष्य में जुट जाए। उन्होंने दो अक्टूबर तक सीकर जिले को ओडीएफ करने के लिए कहा।


अधिकारियों ने तोड़ा गरीब के आवास का सपना


प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना की प्रगति में सीकर जिला पूरी तरह से पिछड़ा हुआ है। बैठक में पेश आंकड़ों में इस मामले में प्रगति शून्य दिखाई गई है। इस योजना के तहत सीकर में कोई भी स्कीम डवलप नहीं हुई है। अधिकारियों ने इसके पीछे जमीन की समस्या बताई तो प्रभारी मंत्री राजकुमार रिणवां और प्रभारी सचिव मंजीत सिंह ने अधिकारियों को इस योजना में प्रगति लाने के निर्देश दिए।


बताई योजना


साथ ही कहा कि हाल ही सरकार की ओर से 1850 लोगों को पट्टे दिए गए हैं। इनमें तीन लाख से कम आय वालों का सर्व कर योजना का लाभ दिया जाना चाहिए। इस योजना में तीन लाख तक की आय वाले को डेढ़ लाख रुपए छूट दी जाती है। बैंक से ऋण लेने पर भी ब्याज में साढ़े छह फीसदी की छूट दी जाती है।


हर्ष पर सड़क के लिए पड़े हैं छह करोड़


हर्ष पर सड़क के लिए प्रशासन के पास छह करोड़ रुपए स्वीकृत पड़े हैं। योजना के तहत आंतरी से हर्ष तक सवा तीन मीटर चौड़ी सड़क बनाई जानी है। इसके लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग ने डीपीआर भी बना ली। लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। मंत्री की फटकार पर अधिकारियों ने अगले 20 दिन में काम शुरू करने की बात कहीं है।


मिनी सचिवालय का नक्शा तैयार



बैठक में जिला कलक्टर नरेश ठकराल ने कहा कि सीकर में बनने वाले मिनी सचिवालय का नक्शा तैयार हो गया है। 15 हेक्टअर जमीन में चार ब्लॉक में इसका निर्माण होगा। एक ब्लॉक में न्यायालय, दूसरे में कलक्टर व एसपी के कार्यालय होंगे। अन्य दो ब्लॉकों में जिला परिषद व अन्य सरकारी कार्यालय होंगे। कार्य के लिए यूआईटी की ओर से पहले चरण में दस करोड़ रुपए दिए जाएंगे। अगले दो माह में इसकी डीपीआर तैयार करवाकर कार्य शुरू करवाने की तैयारी है।


बैठक में विधायक रतन लाल जलधारी, गोर्वधन वर्मा, यू.आई.टी. अध्यक्ष हरिराम रणवां,मनोज सिंघानिया, पुलिस अधीक्षक विनित कुमार, अतिरिक्त जिला कलेक्टर जयप्रकाश, सीईओ सुखवीर सिंह चौधरी, एसीईओ अनुपम कायल, समस्त उपखण्ड अधिकारी, नगरपालिकाओं के अधिशाषी अधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।



यहां भी पिछड़े



वंे पायदान पर सीकर पहुंच गया है। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में सीकर की स्थिति अच्छी नहीं है। प्रदेश में सीकर जिले की 29वीं रैंकिंग है। इस पर प्रभारी सचिव ने सीएमएचओ से स्थिति सुधारने के लिए कहा। सीएमएचओ डॉ. विष्णु मीना ने बताया कि यहां सरकारी की बजाय निजी अस्पतालों में उपचार करवाने वालों की संख्या ज्यादा है। योजना के तहत 25 करोड़ पांच लाख रुपए में से 19 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है।


स्वच्छ भारत मिशन का हाल बेहाल


स्वस्थ भारत मिशन के तहत शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय बनाने की स्थिति भी सीकर में कमजोर है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की स्थिति शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में कमजोर पाई गई। ठोस कचरा प्रबंधन के लिए सीकर के लिए स्वीकृत कचरा निस्तारण प्लांट का कार्य भी अभी शुरू नहीं हो पाया है। एेसे में जिला कलक्टर ने कहा कि पर्यावण विभाग की ईसी नहीं मिलने से कार्य अटका हुआ था, लेकिन अब सरकार ने इसकी आवश्यकता को हटा दिया है। एेसे में जल्द ही कार्य शुरू करवाया जाएगा।



खाटू को 29 करोड़


खाटू के विकास के लिए पर्यटन विभाग की ओर से 24 और देवस्थान विभाग की ओर से पांच करोड़ रुपए स्वीकृत हैं। आरएसआरडीसी ने यहां विकास कार्यों के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं। बैठक में बताया कि विकास की योजना में कुछ खामियां थी, जिन्हें बैठक कर ठीक कर दिया गया है। दस दिन में कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया गया है।



लक्ष्मणगढ़ उपखंड अधिकारी अनिल महला ने कहा कि गौरव पथ और सीवरेज के नाम पर जगह-जगह गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। थाने के सामने छह माह से हाईमास्ट लाइट बंद पड़ी है। इस पर प्रभारी मंत्री व प्रभारी सचिव ने संबंधित ठेकेदार कंपनियों के एमडी को बुलाने तथा कार्य नहीं करने पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।

vishwanath saini Desk
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