मासूमों पर हो रहा ऐसा जुल्म, जाने क्या है मामला

मासूमों पर हो रहा ऐसा  जुल्म, जाने क्या है  मामला

Vinod Singh Chouhan | Publish: Jun, 16 2019 06:16:11 PM (IST) Sikar, Sikar, Rajasthan, India

दुकानदार बाल श्रमिकों से करवाता था 12 हजार का काम तीन हजार में , दुकान मालिक के खिलाफ बालश्रम का मुकदमा दर्ज

सीकर.

शहर में बालश्रम के बहाने बाल श्रमिकों का जमकर शोषण किया जा रहा है। जिस काम के 12 से 15 हजार रुपए दिए जाते हैं उस काम को बच्चों से तीन हजार में करवाया जा रहा है। इसका खुलासा पुलिस व चाइल्ड लाइन की कार्रवाई में हुआ। मामला है कोतवाली इलाके के घंटाघर इलाके मेंं सोने चांदी की दुकानों का। कोतवाली पुलिस, मानव तस्करी विरोधी इकाई व चाइल्ड लाइन की ओर से ऑपरेशन खुशी अभियान थर्ड के तहत तीन बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराया गया। हालांकि पुलिस के जाब्ते को देखकर पड़ौस में काम कर रहे दो-तीन बाल श्रमिक भाग छूटे। मौके पर मिले तीन बाल श्रमिकों को दस्तयाब कर पुलिस ने पुनर्वास के लिए बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया गया। कोतवाली थाने के बाल कल्याण अधिकारी अमित कुमार नागौरा ने बताया कि जरिए मुखबिर सूचना मिली थी कि घंटाघर के पास मार्केट में कुछ बाल श्रमिकों से काम करवाया जा रहा है। मौके पर पहुंचे तो यहां एक ज्वैलरी की दुकान पर पुलिस को तीन बाल श्रमिक काम करते मिले।
उनकी उम्र 12 से 13 साल के बीच की थी। तीनों बच्चों से जब पुलिस ने मेहनताने के बारे में पूछा तो उनका कहना था कि महीने के तीन से चार हजार रुपए उनको दुकान मालिक देता है। बाकी युवकों को इस काम के बदले करीब 12 हजार रुपए मिलते हैं। बच्चों से बालश्रम कराने पर पुलिस ने दुकान मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कार्रवाई के दौरान टीम में इसब, पूर्णमल, मनोज, रविंद्र, राकेश, महिपाल व शमीम आदि मौजूद रहे। बाल कल्याण समिति के सदस्य गजेंद्र ङ्क्षसह चारण ने बताया कि बच्चों को देर शाम उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया।
टीम को देख गलियों में हो गए गायब
चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक राहुल दानोदिया के अनुसार मार्केट में बाल श्रमिक और भी थे। लेकिन, टीम को देखकर इनमें दो-तीन इधर-उधर हो गए और बाद में इनको ढूंढा भी गया। परंतु वे गलियों में गायब हो गए। इससे पहले फतेहपुर में एएसआइ सदीक खान के साथ एक बच्चे को बालश्रम से मुक्त कराया गया और दुकान मालिक मनोज पर बालश्रम का मुकदमा दर्ज कराया गया। दानोदिया ने बताया कि अभियान के दौरान अब-तक आठ बाल श्रमिकों को बालश्रम से मुक्त कराया जा चुका है।
पुलिस पर लगाए ढिलाई के आरोप
बाल श्रम के मामले में पुलिस पर ढिलाई के आरोप हैं। बाल कल्याण समिति के सदस्य कमल शर्मा का कहना है कि कोतवाली पुलिस के अलावा बाकी थानों के बाल कल्याण अधिकारी बालश्रम की कार्रवाई के प्रति लापरवाही बरत रहे हैं। जबकि बैठकों में बाल कल्याण अधिकारियों को पुलिस के आला अफसरों से डांट सुननी पड़ती है।

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