अस्पताल में योगा करके सुशील ने जीती कोरोना की जंग, यूं साझा किये अनुभव

लक्ष्मणगढ़ कस्बे के लिए बुधवार का दिन खुशखबरी लेकर आया। गत 17 मई को कोरोना पॉजिटिव आए वार्ड 13 निवासी सुशील बागड़ी ने 10 दिन में ही कोरोना को शिकस्त दे दी। घर लौटे सुशील ने पत्रिका को बताया कि कोरोना से डरना नहीं है, बस सतर्क रहना है।

By: Sachin

Published: 28 May 2020, 12:14 PM IST

सीकर/ लक्ष्मणगढ़. कस्बे के लिए बुधवार का दिन खुशखबरी लेकर आया। गत 17 मई को कोरोना पॉजिटिव आए वार्ड 13 निवासी सुशील बागड़ी ने 10 दिन में ही कोरोना को शिकस्त दे दी। घर लौटे सुशील ने पत्रिका को बताया कि कोरोना से डरना नहीं है, बस सतर्क रहना है। 17 मई को जैसे ही रिपोर्ट पॉजिटिव आई, घर में भय जैसा माहौल हो गया। परन्तु बड़े भाई जय व मैंने खुद ने सभी घरवालों को समझाया कि सतर्कता बरतनी जरूरी है, बाकी हिम्मत व जोश के आगे कोरोना ज्यादा दिन नहीं टिक पाएगा। सुशील ने बताया कि मेरे में कोई भी कोरोना से सम्बन्धित लक्षण नहीं पाए गए थे, इसलिए मुझे पूर्ण विश्वास था कि मैं इसे जल्दी ही हरा दूंगा। सुशील ने लोगों से अपील की है डरें नहीं, बल्कि सतर्कता के साथ खुद का व परिवार का ध्यान रखे। उल्लेखनीय है कि सुशील नई दिल्ली में कपड़े की दुकान में काम करता है। लॉकडाऊन के दौरान एक ट्रक चालक के साथ बैठकर गत 14 मई को लक्ष्मणगढ़ आया था। 15 मई को प्रशासन को सूचना देकर खुद का सैंपल दिलवाया। 17 को सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मेडिकल विभाग ने सुशील को सांवली डेडिकेटेड अस्पताल में भर्ती करवाया। मंगलवार को रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद सुशील को बुधवार को मेडिकल विभाग ने छुट्टी दे दी।

अस्पताल में किया योगा
सुशील ने बताया कि उसने सुन रखा था कि बेहतर इम्यूनिटी के बल पर कोरोना से उबरा जा सकता है। सांवली जाने के बाद सुबह शाम योग व व्यायाम करने लगा। अस्पताल प्रशासन की बेहतर डाइट ने सहयोग किया। सुशील ने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा कि वायरस मुझ में आया कहां से। संपर्क में आने वाले मेरे दोस्तो व मेरे परिवार वालों की रिपोर्ट निगेटिव आने से मुझ में आत्मविश्वास आ गया।

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