राजस्थान में खेतड़ी के बाद यहां मिल सकता है तांबे का भंडार, 10 प्वाइंट पर खोज तेज

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के खेतड़ी के बाद अब सीकर गणेश्वर इलाके में भी तांबे की खोज ने तेजी पकड़ ली है।

By: Sachin

Updated: 22 Jul 2021, 11:02 PM IST

सीकर/गणेश्वर. राजस्थान के झुंझुनूं जिले के खेतड़ी के बाद अब सीकर गणेश्वर इलाके में भी तांबे की खोज ने तेजी पकड़ ली है। भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी जीएसआई के हवाई सर्वेक्षण के बाद यहां धातु की खोज के लिए करीब तीन महीने से खुदाई का काम जारी है। 160 मीटर गहराई तक की मिट्टी निकाल कर जांच के लिए हैदराबाद जांच के लिए ले जाई जा रही हैं। उम्मीद है कि यहां भी जमीन में भारी मात्रा में तांबा हो सकता है। फिलहाल भूवैज्ञानिक 10 प्वाइंट पर धरती के गर्भगृह की मिट्टी निकाल कर तांबे की मात्रा पर शोध कर रहे हैं। गांव आगरी, रावजी की ढाणी, बड़वाला, गणेश्वर, कालामेडा, कीरो की ढाणी, भूदोली नदी क्षेत्र में जांच के लिए मिट्टी निकाली जा चुकी है। जिनमें से गांव आगरी, बड़वाला, रावजी की ढाणी सहित 6 पॉइंट में अच्छी मात्रा में ताम्बा होने की संभावना मानी जा रही है। गौरतलब है कि भू सर्वेक्षण विभाग की ओर से गणेश्वर क्षेत्र में तांबे की खोज को लेकर करीब पांच वर्ष पहले एक वर्ष तक हवाई सर्वेक्षण हुआ था। दो साल पहले पत्थरो के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे।

बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

धरती के गर्भगृह से नमूने के लिए निकाली जा रही मिट्टी की जांच में तांबा मिला तो भविष्य के सपने सच साबित होंगे। प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। अधिकारियों की माने तो तांम्बे की मात्रा 50 प्रतिशत से अधिक मिलती हैं तो क्षेत्र में मालगाड़ी तक का आवागमन हो सकता हैं। जिसका अलवर, खेतड़ी, कॉपर तक जुड़ाव रहेगा।

चार महीने बंद होगा काम
खुदाई कार्य में जुटे मजदूर व कर्मचारियों का कहना है कि खुदाई का काम फिलहाल कुछ दिन और चलेगा। इसके बाद चार महीनों के लिए बंद किया जाएगा। बरसात के चलते किसानों द्वारा खेतो में बीज बुवाई की वजह से यह काम बंद किया जाएगा।

मिल चुके हैं प्राचीन सभ्यता के अवशेष
गणेश्वर क्षेत्र में पुरातत्व महत्व के अवशेष भी मिल चुके हैं। पुरातत्व विभाग की कई वर्षों की खुदाई में तांबे के तीर,कमान,सिक्कें मिल चुके हैं। दो वर्ष पूर्व उत्तरप्रदेश के वाराणसी विश्वविद्यालय की टीम ने भी खुदाई कर पत्थर व तांबे की चूडिय़ंा, मिट्टी के पात्र, मानव हड्डियां आदि अवशेष जुटाए थे। अधिकारियों ने पांच हजार वर्ष की सभ्यता के अवशेष मिलने का दावा किया था। मोहन जोदड़ो हडप़्पा सभ्यता कालीन अवशेष मिलने से यह क्षेत्र आज भी पुरातत्व विभाग के क्षेत्राधिकार में है।

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