राजस्थान बोर्ड के के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ: परीक्षा अटकी हो और कॉपिया कार्यालयों में फंसी हो

जज्बा: हमारे होनहार घरों में दे रहे कोरोना को मात....
तैयारी और होगी मजबूत
कोरोना का साया: बिगड़ेगा शैक्षिक कलैण्डर

By: Ajay

Published: 05 Apr 2020, 05:48 PM IST

सीकर. कोरोना वायरस के साए ने लोगों की दिनचर्या से लेकर बच्चों की शैक्षिक कलैण्डर को बदल दिया है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के लगभग 64 साल के इतिहास में एेसा पहली बार हुआ है कि परीक्षाओं के बीच में इतना लंबा अंतराल आया हो। इससे पहले राजस्थान में कभी एेसा नहीं हुआ। कोरोना के कहर की वजह से अभी यह भी पता नहीं है कि आगे परीक्षाएं अब कब शुरू होगी। लेकिन प्रदेश के लाखों विद्यार्थी अपने घरों में रहकर कोरोना से जंग लडऩे के साथ अपनी तैयारी को और मजबूत करने में जुटे है। इसी तरह प्रदेश के राजस्थान विश्वविद्यालय सहित अन्य के इतिहास में पहला ही मौका है जब इस तरह परीक्षाओं पर इतना लंबा ब्रेक लगा हो। दूसरी तरफ बोर्ड व विवि में जिनकी परीक्षाएं हो चुकी है उनकी उत्तरपुस्तिकाएं भी लॉकडाउन की वजह से शिक्षकों तक नहीं पहुंच सकी।

2009 में पेपर आऊट की वजह से दस दिन ब्रेक
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का गठन 1957 में हुआ था। इसके बाद वर्ष 2009 में प्रश्न पत्र आऊट होने की वजह से लगभग दस दिन परीक्षा स्थगित रही थी। दस दिन बाद परीक्षाएं पहले की तरह शुरू हो गई। परिणाम उस साल कुछ दिन जरूर लेट हुआ था। इससे पहले राजस्थान में राजपूताना बोर्ड था, उस समय में भी एेसा कभी नहीं हुआ।

बोर्ड व विवि के साथ प्रतियोगी परीक्षाए भी स्थगित
कोरोना के कहर की वजह से बोर्ड व विवि के साथ प्रतियोगी परीक्षाएं भी स्थगित हो चुकी है। वहीं इंजीनियरिंग व मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं पर भी ब्रेक लग गया है।

बिगड़ेगा शैक्षिक कलैण्डर, नए तिथि बाद में
कोरोना वायरस की वजह से देशभर में स्कूल-कॉलेजों के साथ प्रतियोगी व प्रवेश परीक्षा कराने वाली एजेन्सियों का गणित पूरी तरह बिगड़ गया है। अब विद्यार्थियों के साथ अभिभावक व स्कूल संचालकों को लॉकडाउन का ताला खुलने का इंतजार है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद सभी बोर्ड व विवि नए सिरे से तिथियों का एेलान करेंगे। कक्षा एक से आठवीं तक परीक्षाओं के बजाय सरकार कोई नया फैसला ले सकती है।

अब नए सिरे से निर्णय: शिक्षामंत्री
कोरोना वायरस की वजह से देशभर में लॉकडाउन जारी है। इस कारण परीक्षा स्थगित हुई है। बोर्ड व स्कूल स्तर की परीक्षाओं को लेकर अब नए सिरे से निर्णय होंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग पूरी तरह तैयार है।
गोविन्द सिंह डोटासरा, शिक्षा मंत्री

बोर्ड के इतिहास में पहली बार: उपनिदेशक
बोर्ड के इतिहास में एेसा पहली बार हुआ है कि परीक्षा बीच में रूकी हो और इतना लंबा अंतराल आया हो। कोरोना का कहर थमने के बाद ही कॉपी अध्यापकों तक पहुंच सकेगी।
जीके माथुर, उपनिदेशक, गोपनीय, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर

राजस्थान विवि के इतिहास में भी कभी इतना लंबा मौका नहीं आया जब परीक्षाएं इतने दिन तक स्थगित हुई हो।
यशपाल चिराणा, अध्यक्ष, राजस्थान विवि कर्मचारी संघ, जयपुर

Ajay Reporting
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