हजारों शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, पूछा- कब तक अपनी जेब से चलायें सरकारी योजना

पुरानी पेंशन योजना, बकाया डीए, मिड डे मिल व दूध योजना राशि के भुगतान सहित आठ सुत्रीय मांग को लेकर शिक्षक सोमवार को कलक्ट्रेट पर सरकार के खिलाफ जमकर बरसे।

By: Sachin

Updated: 18 Feb 2020, 11:51 AM IST

सीकर. पुरानी पेंशन योजना, बकाया डीए, मिड डे मिल व दूध योजना राशि के भुगतान सहित आठ सुत्रीय मांग को लेकर शिक्षक सोमवार को कलक्ट्रेट पर सरकार के खिलाफ जमकर बरसे। राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के प्रांतीय आह्वान पर डीईओ ऑफिस से रैली के रूप में पहुंचे शिक्षकों ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। प्रदेश महामंत्री उपेन्द्र शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि बिना सुविधा के ऑनलाइन उपस्थिति लागू करने वाली सरकार को ना तो शिक्षकों के पेंशन-भत्ते की चिंता है ना ही विद्यार्थियों की मिड-डे-मील, दूध व ट्रांसफर वाउचर सरीखी योजनाओं की फिक्र है। मिड डे मील और दूध योजनाओं की राशि नहीं मिलने पर शिक्षक अपनी राशि से इन योजनाओं का भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि सरकारी योजनाओं को शिक्षक कब तक अपनी जेब से चलायें? वक्ताओं ने कहा कि एकीकरण में बंद स्कूल वापस खोलने व शिक्षकों की स्थाई तबादला नीति के सरकारी वादे-दावे भी खोखले साबित हुए हैं। ऐसे में जल्द ही सरकार चेते। शिक्षकों को बकाया डीए व सरकारी योजनाओं की बकाया राशि जारी करने के साथ स्थाई तबादला नीति व पुरानी पेंशन योजना लागू करें। वरना, शिक्षक समुदाय आंदोलन का विस्तार करेगा। प्रदर्शन के बाद अपनी मांग को लेकर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा।


कलक्ट्रेट तक निकली रैली, लगा जाम

करीब दो घंटे चले प्रदर्शन की शुरुआत डीईओ ऑफिस से हुई। यहां भी शिक्षकों ने पहले सभा की। बाद में वह रैली के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान एकबारगी रास्ते पर लंबा जाम लग गया। प्रदर्शन में प्रदेश महामंत्री उपेन्द्र शर्मा, संघ जिलाध्यक्ष विनोद पूनियां, सुभाष महला, प्यारे लाल, दान सिंह बीरड़ा, पोखरमल, श्रवण थालौड़, संतोष ढाका, उर्मिला पूनियां, दुर्गा महरिया सहित काफी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।

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