वैक्सीनेशन के बाद भी तीन चिकित्सक पॉजिटिव

कोरोना: बेलगाम हो चुका कोरोना
सैम्पल देने के बाद देखते रहे मरीज, अब मचा हड़कम्प
रैवासा की एक एलएचवी भी वैक्सीनेशन के बाद हो चुकी है संक्रमित

By: Suresh

Published: 08 Apr 2021, 05:21 PM IST

सीकर. जिले में कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने रफ्तार पकड़ ली है। कोरोना संक्रमण को रोकने की जिम्मेदारी होने के आलाधिकारियों सहित हेल्थ वर्कर्स की दूरी ने संक्रमण का दायरा कई गुना बढ़ा दिया है। श्रीमाधोपुर के हांसपुर में होली पर्व पर महाराष्ट्र से एक व्यक्ति भी कोरोना पॉजिटिव आया है कोरोना संक्रमण की चपेट में कोरोना वैक्सीनेशन की पहली डोज लेने के बाद भी जिले में गुंगारा सीएचसी के तीन सरकारी चिकित्सक संक्रमित मिले। बुधवार को चिकित्सा विभाग ने इन तीनों चिकित्सकों को नोटिस जारी किए। पॉजिटिव आने की सूचना के साथ ही प्रशासन सहित चिकित्सा विभाग में हडकंप मच गया। ये चिकित्सक सेम्पल देने के बाद होम क्वॉरंटीन हुए बिना दो दिन तक बिना आमजन की परवाह किए धड़ल्ले से चिकित्सा संस्थान में मरीजों को देखते रहे और विभागीय अधिकारियों सहित लोगों से मिलते-जुलते रहे। जिनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुंगारा में चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार लेने वाले आमजन, वहां का स्टाफ़ और इनके परिजन शामिल है। जिले में अभी भी चार हजार से ज्यादा हेल्थ वर्कर्स वेक्सीनेशन की दूसरी खुराक से वंचित है।
36 नए संक्रमित मिल
जिले में बुधवार को 36 नए संक्रमित मिले। जिनमें सर्वाधिक संक्रमित पिपराली ब्लॉक में 12 लोग मिले। सीकर शहर में 9, फतेहपुर ब्लॉक में दो, खण्डेला, लक्ष्मणगढ़, श्रीमाधोपुर ब्लॉक में एक-एक और दांता ब्लॉक में 10 लोग की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। चिंताजनक बात है कि एक संक्रमित तो रेलवे स्टेशन पर आरटीपीसीआर रिपोर्ट नहीं दिखाने पर क्वॉरंटीन किया गया शख्स है। 12 लोगो में कोरोना के लक्षण ज्यादा है। खाटू कन्टेंमेंट जोन से लिए गए 9 रैण्डम सैम्पल, तीन क्लॉज कॉन्टैक्ट, छह प्रवासी और चार लोग ऑपरेशन और यात्रा से पहले करवाई जांच में संक्रमित मिले। एक हैल्थ वर्कर्स व एक अन्य रेण्डम सैम्पल भी संक्रमित पाया गया है। जिनका लक्षणों के आधार पर उपचार शुरू किया गया। दो लोग कोरोना से रिकवर हुए। जिले में एक्टिव केस बढ़कर 245 हो गए। 1547 सैम्पल प्रक्रियाधीन हैं। बुधवार को जिले में 1447 सैम्पल लिए गए।
गुजरात से पहुंची महिला
संक्रमित जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए रेलवे स्टेशन पर दूसरे राज्य से बिना आरटीपीसीआर के पहुंचे लोगों के क्वॉरंटीन कर सैम्पल लिए गए। जिनमें से एक महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं स्ट्रेन की जांच के लिए दो लोगों के रीपिट सेम्पल लिए गए हैं। ऐसे में गुजरात के नजदीकी राज्य में सक्रिय डबल म्यूटेंट वायरस के कारण खतरा बढ़ गया है।
जिन पर जिम्मेदारी उन्होने नहीं लगवाए टीके
कोरोना वेक्सीनेशन को बढ़ावा देने की जिन हेल्थ वर्कर्स पर जिम्मेदारी है वे ही वेक्सीनेशन को लेकर गंभीर नहीं है। कोरोना वेक्सीनेशन की दूसरी खुराक से वंचित हेल्थ वर्कर्स की सूची तक विभाग के पास नही है। इसकी बानगी है कि बुधवार पिपराली ब्लॉक के तीन चिकित्सकों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इस पर चिकित्सा विभाग ने इन तीनो चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। सीएमएचओ डा अजय चौधरी ने बताया कि पिपराली ब्लॉक के गुंगारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत तीन चिकित्सकों डा शिप्रा, डा. देवेन्द्र सिंह ओला, डा विजेन्द्र जांगिड़ ने समय पर कोरोना वैक्सिनेशन की दोनो डोज नहीं ली। इनके एक परिजन का जयपुर के निजी अस्पताल में उपचार भी चल रहा है। ये चिकित्सक मुख्यालय की बजाए सीकर या कुडली से आवाजाही कर रहे थे। इनमें से एक चिकित्सक दो अप्रेल को और दो चिकित्सक 5 अप्रेल को जांच रिपोर्ट में संक्रमित मिले थे।
अमानवीय कृत्य
कोरोना पॉजिटिव आए चिकित्सक डा देवेन्द्र सिंह ओला ने बताया कि वैक्सीनेशन करवाना ऐच्छिक है और इसके बावजूद प्रेसनोट जारी कर जानबूझकर पॉजिटिव का नाम और पता देना एक मानसिक प्रताडऩा और अमानवीय कृत्य है।

Suresh Desk
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