एक साथ उठे तीन जनाजों ने पूरे सीकर को कर दिया गमगीन

एक साथ उठे तीन जनाजों ने पूरे सीकर को कर दिया गमगीन

Vishwanath Saini | Publish: Nov, 10 2018 12:19:59 PM (IST) | Updated: Nov, 10 2018 12:20:00 PM (IST) Sikar, Sikar, Rajasthan, India

www.patrika.com/sikar-news/

सीकर. गमजदा आंखे और मातम का माहौल। कोई ढांढ़स बंधा रहा था तो कोई हमदर्दी जताकर परिजनों के आंसू पोंछ रहा था। लेकिन, जब शाम को तीनों के जनाजे घर पहुंचे तो मोहल्ले सहित आस-पास के क्षेत्र में कोहराम मच गया।

तहसील के पीछे वाली गली में घटना के सातवें दिन जब सिलेंडर भभकने के बाद घर में लगी आग में झुलसने वाले तीनों के शव मोहल्ले में पहुंचे तो जनाजे नहीं उठाए गए। इलाज में लापरवाही और मृतक आश्रितों को मुआवजे देने की मांग को लेकर सडक़ पर जाम लगा दिया गया। इसके बाद पुलिस और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और आश्वासन के बाद देर रात आदिल पुत्र मुबारिक (16) व उसकी चाचाी नजमा पत्नी तजमूल(40) सहित इनके पड़ौसी युवक तौफिक पुत्र सरवर अली (24) के शव सुपुर्दे खाक कर दिए गए। तीनों का जनाजे एक साथ उठे।

परिजनों के अनुसार दो नवंबर को आग में झुलसने के बाद आदिल, नजमा और तौफिक सहित कइयों को इलाज के लिए जयपुर रैफर कर दिया गया था। इसके बाद बुधवार तक इन तीनों की स्थिति ठीक थी और हंस कर सभी ने अपने परिजनों से बातचीत की थी। इसके बाद दोपहर होते-होते तौफिक व आदिल ने दम तोड़ दिया। गुरुवार सुबह नजमा की सांसे भी थम गई।

परिजनों का आरोप था कि तबीयत में सुधार होने के बाद अचानक तीनों की मौत कैसेे हो गई। इलाज में लापरवाही बरती गई है। इधर, घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने गैस एजेंसी वालों पर कार्रवाई नहीं की है।

दोषियों पर कानूनी कार्रवाई होने के साथ बाकी बचे पीडि़त परिवार को प्रशासन की तरफ से आर्थिक सहायता मुहैया होनी चाहिए। आक्रोशित होकर तहसील के सामने लोग सडक़ पर बैठ गए। जिनको पुलिस के अधिकारी व कांग्रेसी नेताओं ने समझाइश कर जाम को हटवाया।

आदिल के पिता बेड पर
जिस घर में आग लगी उस घर में रहने वाला आदिल भी अकाल मौत का शिकार हो गया। परिजनों के अनुसार कक्षा आठवीं में पढऩे वाले आदिल के पिता मुबारिक एक हादसे के कारण पिछले सालभर से बेड पर हैं। पांच भाई-बहनों में आदिल सबसे बड़ा था। छोटे भाई-बहन उसके शव को देखकर बिलख उठे थे। मोहल्ले के लोग भी उसका जनाजा देखकर खामौश हो उठे थे।

पति विदेश में, पत्नी की मौत
नजमा की शाम को मौत हो जाने के बाद उसके पति तजमुल को अभी इसकी सूचना नहीं दी गई है। नजमा आदिल की मां की बहन थी। दोनों बहनों की शादी इसी परिवार में दो भाइयों के साथ हुई है। इधर, मौत का समाचार सुनते ही नजमा के घर भी रिश्तेदारों का हुजुम उमड़ गया।

नजमा के बाकी परिवार के कई लोग अभी उपचार के लिए जयपुर एसएमएस व एसके अस्पताल में भर्ती हैं। हादसे में घायल मकबूल पुत्र मनीर, तनवीर पुत्र तौफिक व उमर पुत्र तौफिक मुबारिक पुत्र मकबूल, गुलशन पुत्र मुबारिक, आलम पुत्र मुबारिक, रिहान पुत्र सिकंदर, साहिल पुत्र सिकंदर व शाहरूख पुत्र फारूख एसके अस्पताल में भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं।

 

यह था मामला


दो नवंबर को मकबूल की पुत्रवधु नजमा खाना बनाने के लिए चौक में चूल्हे के पास रखे सिलेंडर की कैप हटा रही थी। इसी दौरान उसमें से गैस निकलने लगी, जिसने कुछ देर में ही आग पकड़ ली। जो पूरे घर में फैल गई। इसी आग में 13 जने झुलस गए थे। जिनमें परिवार का मुखिया मकबूल लीलगर सहित कुल 14 लोग झुलस गए थे। इनमें दो को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी।

घर जाने के बजाय बचाने में लगा दी जान

घर के अंदर आग की लपटे उठती देख ससुराल से घर लौट रहा तौफिक अपने घर जाने के बजाय सीधा पड़ौस में पहुंचा। यहां वह आग बुझाने और इसमें झुलसे लोगों को बचाने लग गया। बचाते-बचाते वह खुद भी आग की लपटें में घिर गया। झुलसने के बाद उसे जयपुर रैफर कर दिया गया।

 

तौफिक के ताऊ मोहम्मद सदीक का कहना था कि सुबह ही उसने बातचीत कर अपने आप को स्वस्थ बताया था। तौफिक व उसके पिता खुद चेजा-पत्थर का काम करते हैं। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा होने पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी इसी पर थी। इधर, तौफिक के ससुर मोहम्मद आमीन की गोद में दुबके बैठे उसके दो साल के लडक़े फैजान व चार साल की सानिया यहीं पूछ रही थी कि उसके अब्बू कहां है। नाना की आंखों से केवल आंसू बहते रहे।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned