बिना ट्रेनिंग लॉकडाउन में बच्चों के लिए बनाया एप पहुंचा विश्व की टॉप 10 रैंक में

सीकर. यदि मन में कुछ करने का जुनून हो तो हर मुकाम आसान हो जाता है। यह साबित कर दिखाया है सीकर के दो युवाओं की जोड़ी ने। लॉकडाउन की वजह से स्कूल-कॉलेज व कोचिंग पर बे्रक लगा तो सीकर के इन युवाओं ने विद्यार्थियों के लिए ‘शिक्षावाणी’ मोबाइल एप बना दिया।

By: Sachin

Updated: 05 Jun 2020, 11:26 AM IST

अजय शर्मा
सीकर. यदि मन में कुछ करने का जुनून हो तो हर मुकाम आसान हो जाता है। यह साबित कर दिखाया है सीकर के दो युवाओं की जोड़ी ने। लॉकडाउन की वजह से स्कूल-कॉलेज व कोचिंग पर बे्रक लगा तो सीकर के इन युवाओं ने विद्यार्थियों के लिए ‘शिक्षावाणी’ मोबाइल एप बना दिया। इस बीच शिक्षा विभाग ने भी टीवी, रेडियो के जरिए पढ़ाई शुरू कराई, लेकिन कई गांव-ढाणियों में टीवी-रेडियो नहीं होने की समस्या आई। उन्होंने एप में बदलाव करते हुए रेडियो व टीवी से भी लिंक कर दिया। अब विद्यार्थी इस एप पर टीवी व रेडियो के जरिए भी आसानी से पढ़ाई कर सकते हैं। सेवाकर विभाग में टैक्स असिस्टेंट सुरेन्द्र कुमार तेतरवाल व राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गणेशमोड सीकर के प्रधानाध्यापक सुरेश ओला ने यह कमाल कर दिखाया है। फिलहाल गूगल प्ले की कम्प्यूनिकेशन कैटगरी में यह एप पहले पायदान पर है। दुनिया के कई देशों की टॉप टेन रैंक में यह शामिल है।


दस दिन में 50 हजार ने किया डाउनलोड


शिक्षावाणी एप को पिछले दस दिन में 50 हजार से अधिक लोग डाउनलोड कर चुके हैं। एप में रेडियो व टीवी की सुविधा होने से यह एप दुनिया के कई देशों में भारतीय परिवारों के लिए मददगार साबित हो रहा है।


बिना प्रशिक्षण बनाते हैं एप


दोनों युवाओं ने एप बनाने के लिए कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया। अपने जूनून के दम पर विभिन्न माध्यमों से उन्होंने एप बनाने की तकनीक सीखी। हालांकि दोनों युवाओं ने दूरस्थ शिक्षा से एमसीए की डिग्री ली है।


एप में कक्षा एक से बारहवीं तक का ई-कंटेंट

शिक्षावाणी मोबाइल एप में राजस्थान बोर्ड के सिलेबस के हिसाब से कक्षा एक से बारहवीं तक का कंटेंट उपलब्ध है। इसके अलावा रीट, पुलिस, एलडीसी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी शिक्षण सामग्री है। शिक्षा विभाग के स्माइल प्रोजेक्ट की शिक्षण सामग्री भी इसमें तिथिवार संग्रहित की गई है।

अब तक साढ़े पांच करोड़ बाजार मूल्य के एप दे चुके दान

डिजिटल जोड़ी के नाम से पहचान बनाने वाले दोनों युवा राज्य सरकार को अब तक 110 से अधिक मोबाइल एप राजस्थान सरकार को दे चुके हैं। शिक्षा विभाग की ओर से गत वर्ष दोनों युवाओं को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने सम्मानित किया था।


इनके यह एप सबसे ज्यादा चर्चा में
इनके कई एप दस लाख से अधिक भी डाउनलोड हो चुके हैं। विश्व का इतिहास, विज्ञान प्रश्नोत्तरी व आइटीआई विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम से संबंधित एप सबसे ज्यादा चर्चित रहे हैं।

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