इस बेटी का शहरवासी करेंगे कन्यादान, हर तरफ हो रही इस अनूठी शादी की चर्चा

इस शादी में शहर के कई लोग बाबूल बनकर इस लावारिश बेटी का कन्यादान करेंगे।

By: Vinod Chauhan

Published: 17 May 2019, 12:09 PM IST

सीकर.

माता-पिता की ओर से बचपन में लावारिश छोड़ी गई लाडो की शादी Wedding 18 मई को होगी। जिसमें इसके खुद के परिजन भले ही शरीक नहीं होंगे। लेकिन, संस्थान की ओर से आयोजित इस शादी में शहर के कई लोग बाबूल बनकर इस लावारिश बेटी का कन्यादान करेंगे। जिसको लेकर लोग तैयारियों में जुटे हुए हैं और लाडो निशा सहित संस्थान को भी दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। आठ महीने पहले उड़ीसा की निशा Nisha शहर में लावारिश हालत में घूमती मिली थी। चाइल्ड लाइन Child Line के जरिए निशा को बाल कल्याण कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया तो पुनर्वास खातिर इस लावारिस लाडो को भादवासी रोड स्थित कस्तूरबा सेवा संस्थान में भिजवा दिया गया। नौ महीने यहां निशक्त व अनाथों के साथ बिताने के बाद निशा यहां सबकी चहेती बन गई। प्यार और दुलार मिलने तथा यहां के लोगों से लगाव हो जाने पर निशा ने नारी निकेतन जाने से मना कर दिया। संस्थान अधीक्षक हरि नारायण सिंह ने बताया कि इस पर सभी पदाधिकारियों ने भी इस लावारिश बेटी को यहीं रख लिया और अब बालिग होने पर सभी ने मिलकर इसकी शादी करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत 18 मई को निराश्रित एवं विशेष योग्यजन कस्तूरबा सेवा संस्थान में इस लाडो की बारात आएगी। जिसकी आवभगत में शहर के कई प्रबुद्धजन शामिल होंगे।


हाथों में सजी मेहंदी
दुल्हन Bride बनने के लिए तैयार हो रही निशा का कहना है कि लावारिश छोडऩे के बाद पहली बार उसके हाथों में मेहंदी लगी है। यहां अपनों को प्यार पाकर अब उसे जीवन साथी भी मिल गया है। इधर, संस्थान की अध्यक्ष सुमित्रा शर्मा के अनुसार संस्थान की लाडो को उसके ससुराल बिदा करने के दौरान वे लोग कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। हालांकि एक दिन बाद इसके पराई हो जाने का दुख संस्थान के सभी बच्चों को है।

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Vinod Chauhan Zonal Head
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