क्या आप करेंगे ताज्जुब! साढ़े तीन सौ जैक से 20 वर्ष पुराना मदरसा उठा दिया 06 फीट ऊंचा

Would you be surprised 20 year old madrasa lifted from 350 jacks

मदरसा भवन में बारिश का पानी भरने की थी समस्या। अब 17 लाख के खर्चे से किया जा रहा मदरसा ऊंचा।

By: Gaurav

Published: 04 Mar 2021, 06:07 PM IST

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-सीकर के ताखलसर गांव में किया जा रहा यह अनोखा काम
-जनसहयोग से उठाया बीड़ा
सीकर. शेखावाटी का गांव ताखलसर इन दिनों चर्चा में बना हुआ है। दरअसल गांव में मौजूद बरसों पुराने एक मदरसे को इन दिनों एक प्राइवेट कंपनी ने ऊंचा करने का काम हाथ में लिया है। ग्रामीणों के सहयोग से लाखों रुपए से यह काम कराया जा रहा है।


रामगढ़ शेखावाटी का गांव ताखलसर
रामगढ़ शेखावाटी कस्बे ताखलसर गांव के उच्च प्राथमिक मदरसा इस्लामिया में बरसात के मौसम में पानी भरने की समस्या को देखते हुए मदरसा कमेटी ने उसको ऊंचा उठाने का काम छेड़ा है। करीब साढ़े तीन सौ जैक की मदद से इस मदरसे के भवन को छह फीट ऊपर उठाया जाएगा।


हरियाणा से आए विशेषज्ञ
इस काम के लिए हरियाणा से विशेषज्ञ बुलवाए गए हैं। कंपनी के मक्खन सिंह चौधरी ने बताया कि चालीस फीट लम्बी, अस्सी फीट चौड़ी व 11 फीट ऊंचे मदरसा के छह कमरों, एक हाल व बरामदा को ऊपर उठाने में करीब 17 लाख का खर्च आएगा।


सडक़ ऊपर मदरसा नीचे हो गया था
मदरसा कमेटी के सदर नवाब खान व सचिव मुराद खान के अनुसार मदरसा बीस साल के करीब पुराना है। मदरसे के सामने चार फीट ऊंची सडक़ निर्माण होने के कारण मदरसा काफी नीच चला गया था। इसके कारण मदरसा में पढऩे आने वाले बच्चों को बरसात के मौसम में भारी दिक्कत हो रही थी। इसके लिए जनसहयोग से यह कार्य करवाया जा रहा है।


ऐसे हुआ कमाल
जैक तकनीक से भवन के नींव के नीचे जैक लगाए जाते हैं। फिर, स्कू्र से जैक को एक-दो सेंटीमीटर ऊपर करते हुए दिनभर में करीब दो से तीन इंच उठाया जाता है। फर्श को लगभग तीन फीट यानी नींव से एक फीट नीचे तक खोदा जाता है। इसके बाद पुरानी नींव के नीचे चारों तरफ एक फीट के जैक लगाए जाते हैं। फिर दुबारा भी इसी प्रक्रिया को दोहराया जाता है।


25 से 30 फीसदी आता है खर्च
जानकार बताते हैं कि बने भवन को जैक लगाकर उठाने में कुल खर्च का बमुश्किल 25 से 30 फीसदी ही खर्च होता है। इतना ही नहीं समय की बचत भी होती है। यह काम 15 से 20 दिन में ही पूरा कर लिया जाता है।


पांच से छह फीट तक हो सकता है लिफ्ट
यदि भवन का नीचे का लैंटर मजबूत हो और दीवारें दो ईंट की चौड़ाई की हों तो चार-पांच मंजिला मकान भी अधिकतम पांच-छह फीट तक शिफ्ट व लिफ्ट किया जा सकता है। खुले में बने मकान को लिफ्ट करने में आसानी होती है, खर्च कम आता है। यदि भवन को अपने स्थान से खिसकाकर अन्य जगह शिफ्ट किया जाएगा तो खर्च बहुत आता है। शिफ्िटग में तकनीक ज्यादा इस्तेमाल होती है, खर्च बढ़ता है जो कि कभी-कभी मकान की लागत से ज्यादा हो सकता है। इसलिए उसे ज्यादा दूर तक शिफ्ट नहीं कराया जाता।

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