script424 incident of theft in last year, challenge still remain in Singraul | पिछले साल चोरी की 424 घटनाएं हुई, चुनौती अभी भी बरकरार | Patrika News

पिछले साल चोरी की 424 घटनाएं हुई, चुनौती अभी भी बरकरार

तमाम कोशिशों के बाद भी वारदातों पर नहीं लग रहा अंकुश ....

सिंगरौली

Updated: January 10, 2022 10:42:30 pm

सिंगरौली. पुलिस लाख सुरक्षा के दावे करे लेकिन स्थिति ठीक इसके विपरीत है। पुलिस विभाग के अपराध रजिस्टर पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में जहां चोरी की 424 घटनाएं हुई हैं वही सेंधमारी के 87 मामले दर्ज हैं। यह आंकड़े न केवल डराते हैं बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि बदमाश यहां बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। वारदातों का दौर अब भी जारी है।
theft in singrauli
theft in singrauli
जनवरी से दिसंबर तक में 424 चोरी की घटनाएं लोगों में दहशत पैदा कर रही हैं। पुलिस की लापरवाही कहें या फिर लचर कार्यशैली। नतीजा यह कि वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। जिसे रोकने में पुलिस हर मोर्चे पर नाकाम है। यदि ऐसे ही वारदातों में इजाफा होता रहा तो वर्ष 2022 में भी चोरी के कई गंभीर अपराध पुलिस के रिकार्ड में दर्ज होंगे।
यही नहीं, चोरी की कुछ ऐसी भी घटनाएं हो जाती हैं जिसमें पुलिस मामला तक दर्ज नहीं करती है। वहीं गंभीर वारदातों में पुलिस को इनाम रखना पड़ा है। बिना इनाम घोषित किए पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच रही है। वर्ष 2021 में पूरे साल चोर दो कदम आगे तो पुलिस उनसे दो कदम पीछे नजर आई।
यहां पुलिस डाल-डाल तो चोर पात-पात की स्थिति में हैं। रात में पुलिस गश्त व तमाम कोशिशों के बाद भी चोरी के आंकड़े कम नहीं हो रहा है। ऐसे में चोरों पर नकेल कस पाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती का काम है। सूने मकानों में सामग्री, नकदी सहित लाखों के जेवरात तो दुकानों से मोबाइल की चोरी सहित अनेक प्रकार की चोरियां हो रही है।
जिले में बाइक की चोरियां भी खूब हुई हैं। बाइक चोर पुलिस को खूब छका रहे हैं। आए दिन हो रही सभी प्रकार की चोरियों से जहां लोग सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वहीं दिन में भी घर में ताला बंद कर कहीं जाने से भयभीत हैं। चोरों का निशाना सूने मकान पर ज्यादा रहता है। दिन के समय रैकी कर रात में चोरी को अंजाम दिया जाता है। चोरों के मन में पुलिस के प्रति कितना खौफ है, यह साफ पता चलता है।
रात्रि गश्त पर उठ रहे सवाल
चोरी व अप्रिय घटना को रोकने के लिए जिलेभर की पुलिस अपने थाना क्षेत्र में टीम बनाकर रात्रि गश्त करती है। रात्रि गश्त के लिए आरक्षक, हवलदार, टीआइ सहित राजपत्रित अधिकारी को तैनात किया गया है। रात में साढ़े 10 बजे से सुबह 5 बजे तक गश्त करने का दावा करते हैं। मगर रात्रि गश्त कितनी गंभीरतापूर्वक की जाती है। इसका अंदाजा हो रही चोरी की घटनाओं से लगाया जा सकता है।
वर्ष 2020 की अपेक्षा 2021 में बढ़ गई हैं चोरियां
जिले में चोरी की घटनाएं लगातार हो रही हैं। बात करें वर्ष 2020 में हुई चोरी की घटनाओं की तो पूरे साल भर में 397 चोरी की वारदातें हुई हैं। वहीं वर्ष 2021 में यही घटनाएं बढकऱ 424 पहुंच गई हैं। यानी वर्ष 2020 की अपेक्षा वर्ष 2021 में चोरी की घटनाओं में इजाफा हुआ है।
कंपनियों में भी लोहे के सामान के साथ कॉपर के सामानों की भी खूब चोरी हुई है। मौका मिलते ही लाखों का सामान पार कर दिया जाता है। कई बार तो ऐसे कार्यों में स्थानीय लोगों के साथ बाहरी लोगों का भी हाथ रहा है। बाद में सामग्रियों को बेच दिया जाता है। नहीं पकड़े जाने पर चोरी बदस्तूर जारी रहती है।
बाहरी लोगों का नहीं कराया जाता है वेरिफिकेशन
जिला औद्योगिक क्षेत्र है। यहां कंपनियों में काम करने के लिए अन्य प्रांत व जिले से बड़ी संख्या में श्रमिक निवास कर रहे हैं। कंपनी का काम पूरा होने या फिर श्रमिकों का तबादला होने पर वह कहीं अन्यत्र चले जाते हैं। ऐसे श्रमिकों की पहचान के लिए पुलिस वेरिफिकेशन कराना आवश्यक है। जिससे इनका रिकार्ड पुलिस के पास रहे। ऐसे श्रमिकों के पुलिस वेरिफिकेशन व किराए में रह रहे किराएदारों की जानकारी होना पुलिस के लिए आवश्यक है। मगर पुलिस इस गंभीर मसले की ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है।
चोरियों के आंकड़ों की स्थिति
माह-चोरी की घटना-सेंधमारी
जनवरी-41-06
फरवरी-53-12
मार्च-33-11
अप्रेल-20-03
मई-21-02
जून-23-08
जुलाई-39-03
अगस्त-31-08
सितंबर-49-04
अक्टूबर-34-10
नवंबर-42-11
दिसंबर-38-09
कुल-424-87

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