लापरवाही की इंतिहां, कोरोना पॉजिटिव को आइसोलेट करने में लग गए 36 घंटे

-पंचायत भवन में ही किया गया आइसोलेट

By: Ajay Chaturvedi

Published: 24 May 2020, 06:01 PM IST

सिंगरौली. हद दर्ज की लापरवाही बरती जा रही है इस कोरोना वैश्विक महामारी के दौर में भी। दूसरे प्रांत वह भी रेज जोन वाले प्रांतों से आने वाले लोगों की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के 36 घंटे तक उन्हें आइसोलेट नहीं किया जा पा रहा है। आइसोलेट किया भी तो गांव के पंचायत भवन में जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे थे लेकिन प्रशासन ने उनकी एक न सुनी।

बता दें कि मुंबई से चितरंगी क्षेत्र के रमडिहा गांव लौट 6 लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट 21 मई की रात 11 बजे ही आ गई। अब कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उन्हें तत्काल आइसोलेट किया जाना चाहिए था, लेकिन प्रशासन ऐसा नहीं कर सका। वह ग्रामीणों के विरोध को दरकिनार करते हुए गांव के पंचायत भवन में ही आइसोलेट कराने पर अड़े प्रशासन को 36 घंटे लग गए उन कोरोना पॉजिटव लोगों को आइसोलेट करने में।

बता दें कि पंचायत भवन ने कोरोना पॉजिटिव को आइसोलेट न करने की मांग को लेकर ग्रामीण ने काफी विरोध किया। लेकिन प्रशासन का तर्क था कि गांव से शहर ले जाने में संक्रमण फैलने का खतरा है इसलिए इन्हें पंचायत भवन में ही आइसोलेट किया जाएगा। वो अपनी बात मनवा कर ही माने भले ही इसके लिए 36 घंटे का समय ले लिया।

प्रशासन का तर्क ये भी है कि इन लोगों की रिपोर्ट भले ही पॉजिटिव आई है लेकिन इनमें कोरोना का संक्रमण नहीं है। इनमें ऐसे कोई लक्षण नहीं जिनके आधार पर कहा जाए कि ये कोरोना संक्रमित हैं। यहां यह भी बता दें कि ऐसे ढेरों केस मिल रहे हैं जिनमें प्रारंभिक लक्षण नहीं दिख रहे पर वो पजिटिव हैं और उऩसे अन्य लोगो को दूर रखना जरूरी है। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने इन बातों को दरकिनार कर दिया।

वैसे अब 36 घंटे के इंतजार के बाद 6 लोगों को पंचायत भवन में आइसोलेट कर दिया गया है। स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। वहां आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि पंचायत भवन में सभी तरह की सुविधाएं मुहैया करा दी गई हैं।

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