यूरिया जुटाने की कसरत : स्टॉक के लिए रीवा व सतना पर निर्भर सिस्टम

गेहूं की बुवाई का काम तेजी पर....

By: Amit Pandey

Updated: 08 Dec 2019, 02:58 PM IST

सिंगरौली. रबी सीजन में गेहूं की बुवाई का काम तेजी पर है व कुछ दिन बाद फसल के लिए यूरिया की जरूरत पडऩे वाली है। मगर जिले में अभी अनुमानित मांग के हिसाब से इसका पूरा स्टाक नहीं है। इस कारण अनुमानित जरूरत के अनुसार यूरिया जुटाने के लिए कसरत हो रही है। फिलहाल यहां मांग के मुकाबले आधी मात्रा में ही यूरिया का स्टाक होना सामने आया है। इसलिए तेजी से कसरत चल रही है।

सामने आया कि रबी सीजन में गेहूं की बुवाई पूरी होने के करीब है। इसके बाद पहली सिंचाई के साथ ही किसानों की ओर से यूरिया की मांग आनी है। इसके दृष्टिगत ही संभावित मांग की पूर्ति के लिए जिले में यूरिया का नया स्टाक जुटाने के लिए भागदौड़ हो रही है। बताया गया कि जिले में रबी सीजन में यूरिया की लगभग 12 सौ टन होने का अनुमान लगाया गया है।

इसके मुकाबले अभी सहकारिता विभाग के हाथ में मात्र 750 टन का ही भंडारण है। एेसे में मांग आने पर यहां यूरिया के संकट की स्थिति हो सकती है। इससे बचने के लिए फिलहाल 700 टन यूरिया और जुटाया जाना तय किया गया और इतनी यूरिया की मुख्यालय से मांग की गई। यह खेप मिलने के बाद जिले में अनुमानित मांग की पूर्ति के लिए पर्याप्त मात्रा में भंडारण हो जाएगा और इसके बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सकेगा।

अधिकारी सूत्रों की ओर से बताया गया कि जिले को मांग के अनुसार 700 टन यूरिया की एक खेप जल्द मिलनी है। इस संबंध में एनएफएल के सतना व रीवा डिपो से लगातार संपर्क किया जा रहा है। जिले को सतना डिपो से 400 व रीवा डिपो से 300 टन यूरिया का आवंटन हुआ है। दोनों जगह से यूरिया की यह खेप परिवहन कर जल्द यहां पहुंचाने को लेकर जिला मुख्यालय से लगातार प्रयास चल रहा है। बताया गया कि सतना व रीवा में रेल मार्ग से यूरिया का एक-एक रैक जल्द आने वाला है। इसी रैक में सतना व रीवा के साथ-साथ हमारे जिले को आवंटित यूरिया भी रहेगी।

सहकारिता विभाग के अधिकारी सूत्रों की ओर से बताया गया कि सतना व रीवा में रैक अनलोड होने के बाद हमारे हिस्से की यूरिया को सडक़ मार्ग से यहां भेजा जाएगा। सतना व रीवा से सडक़ मार्ग से सिंगरौली तक यूरिया परिवहन का टेंडर हो चुका है। वहां से संबंधित फर्म सडक़ मार्ग से दो-तीन दिन में यहां तक यूरिया परिवहन का काम पूरा करेगी।

सहकारिता विभाग अधिकारियों का अनुमान है कि यह सारी प्रक्रिया आगामी सप्ताह में पूरी हो जाएगी। इसके बाद जिले में यूरिया का कुल स्टाक 1450 टन तक पहुंच जाएगा। इससे किसानों को मांग के अनुसार तुरंत यूरिया उपलब्ध कराई जा सकेगी ताकि कोई समस्या खड़ी नहीं हो।

Amit Pandey
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