वाहनों के नीचे कुचल रही जिंदगी, पांच महीने में आधा सैकड़ा से अधिक मौतें, कई हुए घायल, जानिए कैसे बढ़ी दुर्घटनाएं

वाहनों के नीचे कुचल रही जिंदगी, पांच महीने में आधा सैकड़ा से अधिक मौतें, कई हुए घायल, जानिए कैसे बढ़ी दुर्घटनाएं
73 dead in Singrauli accident in five months

Amit Pandey | Updated: 14 Jun 2019, 09:00:06 PM (IST) Singrauli, Singrauli, Madhya Pradesh, India

नशा व रफ्तार बन रही दुर्घटना का मुख्य कारण

सिंगरौली. सावधान हो जाइए, ऊर्जाधानी की काली सड़कें खूनी हो गई हैं। आगे-पीछे व दाएं-बाएं देखकर नहीं चलेंगे तो कोई निश्चित नहीं हैै कि आप अपने मंजिल तक पहुंच जाएं। क्योंकि यहां वाहनों के नीचे बेकसूरों की जिंदगी कुचल रही है। यह हम नहीं बल्कि पुलिस विभाग के पन्नों में दर्ज आंकड़ें बयां कर रहे हैं। सड़क दुर्घटना के आंकड़ों ने चौकाने वाला खुलासा किया है।

जी हां, पांच महीने के दौरान हुई 242 सड़क दुर्घटनाओं में 73 लोगों की जहां मौत हो गई है। वहीं 289 गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जिले में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। आए दिन सड़कें खून से लाल हो रही हैं। वाहन चालकों की लापरवाही और यातायात की अव्यवस्थाएं दुर्घटना का प्रमुख कारण है। कहीं तेज रफ्तार व नशा तो कहीं जर्जर सड़कों के कारण भी हादसे हो रहे हैं।

कोल वाहनों से ज्यादातर दुर्घटनाएं
जानकारी के लिए बताते चलेंकि जिले में ज्यादातर सड़क दुर्घटनाएं कोल वाहनों से हो रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस व प्रशासन के नियम कायदे बौने साबित होते हैं। कहने को तो मार्च में एक बैठक के दौरान एनजीटी ने सड़क मार्ग से कोल परिवहन को प्रतिबंधित करते हुए तापीय कंपनियों को विकल्प तलाश करने के लिए दो माह का समय दिया था लेकिन इसका भी पालन नहीं हो सका। हालात यह हैं कि मौजूद समय में भी सड़क मार्ग से कोल परविहन जारी है और वाहनों से बेकसूर लोगों की जानें जा रही हैं।

शहर के जर्जर सड़कों का हाल
शहर की सड़कों के हालात देखे जाएं तो शहर की सड़कें कई जगह पर उखड़ गई हैं। इसकी मरम्मत कराने के लिए निगम के जिम्मेदार भूल गए हैं। कुछ जगह तो ऐसे हैं जहां ब्रेकर बनाया गया है, वहीं ब्रेकर का कुछ भाग उखड़ गया है। जहां से वाहन निकलने के फेर में दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।

संवेदनशील क्षेत्र:
जिलेभर में अक्सर जहां दुर्घटनाएं घटित होती हैं। ये वही क्षेत्र हैं, जिसमें मुड़वानी डैम, शुक्ला मोड़, तेलदह मोड़, नौगढ़ मुख्य मार्ग, कचनी पेट्रोल टंकी, अमिलिया घाटी, माजन बगीचा, रैला मोड़, बरगवां-गिधेर मार्ग, खुटार मोदीतारा तालाब, जरहां मुख्य सहित गोरबी रोड आदि शामिल है। जिले के इन स्थानों पर आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं।

हाल में हुई ये दुर्घटनाएं:-
केस-एक
जयंत-मोरवा मुख्य मार्ग स्थित छ: जून की देर शाम टे्रलर वाहन की टक्कर से महिला की मौके पर मौत हो गई थी। वहीं उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया था। ट्रेलर वाहन तेज रफ्तार होने के कारण ये दुर्घटना घटित हुई है।
केस-दो
चार जून की रात बारातियों से भरा पिकअप वाहन पलट गया था। जहां एक युवक की मौके पर मौत हो गई थी। वहीं दो दर्जन से अधिक बाराती घायल हो गए थे। नशे में वाहन चलाने के कारण दुर्घटना हुई।

यह हैं दुर्घटनाओं के कारण
- वाहन को तेज गति से दौड़ाना
- वाहन चलाते समय मोबाइल से बात करना
- शराब के नशे में वाहनों को चलाना
- मोड़ पर तीव्रता से गाड़ी को मोडऩा
- ओवरलोड वाहनों को चलाना
- ट्रिपल राइडिंग करना

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