डेंजर जोन की पहचान कर रोकी जाएंगी दुर्घटनाएं

दुर्घटनाओं को रोकने ट्रैफिक इंजीनियरिंग का सहारा

By: Vedmani Dwivedi

Published: 03 Aug 2018, 04:09 PM IST

सिंगरौली. दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ट्रैफिक इंजीनियरिंग का सहारा ले रही है। मोरवा थाना क्षेत्र में कुछ डेंजर जोन चिन्हित हैं जहां ज्यादातर सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। एसडीओपी मोरवा डॉ. कृपाशंकर द्विवेदी और टीआई नरेंद्र सिंह रघुवंशी डेंजर प्वांइट की पहचान कर अब दुर्घटनाओं को रोकने में लगे हैं। इसमें पुलिस ट्रैफिक इंजीनियरिंग का सहारा ले रही है। जहां ड्रमों के सहारे जिक जेक मार्ग अवरोधक तैयार किया जा रहा है। जिसके तहत क्षेत्र के चिन्हित स्थानों पर स्टॉपर जिक जेक आकार में लगाने का कार्य जोरों पर है। प्रारंभिक तौर पर जयंत खदान के पास एवं शुक्ला मोड़ में ड्रमों के सहारे मार्ग अवरोधक बनाए गए हैं और आगामी दिनों में अन्य जगहों पर भी इसी प्रकार से मार्ग अवरोधक बनाकर वाहनों की र तार पर लगाम लगाई जाएगी। टीआई नरेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि इससे न सिर्फ दुर्घटनाओं में कमी आएग। बल्कि वाहनों की जांच के समय भी यह काफी सहयोगी साबित होगा।
जानकारी के मुताबिक क्षेत्र में ज्यादातर दुर्घटनाएं भारी वाहनों से होती है। जो कि एनसीएल के कोल डिस्पैच में लगे हैं। इसी को देखते हुए बीते दिनों मोरवा पुलिस ने एनसीएल से 500 ड्रमों की मांग की। जिसकी प्रतीक्षा में अभी भी पुलिस लगी है। अगर आगामी दिनों में एनसीएल की ओर से ड्रम मुहैया करा दिए जाते हैं तो खनहना बैरियर से लेकर मुड़वानी डैम एवं गोरबी चौकी के परिक्षेत्र में इन ड्रमों को लगा कर मार्ग अवरोधक तैयार कर लिया जाएगा। जिससे दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना जताई गई है।

मोरवा क्षेत्र में अधिकांश डेंजर प्वाइंट
जानकारी के लिए बतादें कि मोरवा थाना क्षेत्र में हो रही दुर्घटनाओं को देखा जाये तो अधिकांश डेंजर प्वाइंट मोरवा क्षेत्र में हैं। जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। दुर्घटनाओं को रोकने मोरवा पुलिस नया तरीका अपना रही है। डेंजर प्वाइंट पर ड्रम रखकर तेज गति से चल रहे वाहनों की स्पीड रोकेगी। जिससे दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है।

Vedmani Dwivedi
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