राजनीतिक दबाव में रेत खनन का बड़ा खेल, शाम ढलने के बाद रेत वाहनों की गिनती में जुट जाती है पुलिस

प्रतिबंधित क्षेत्र पिपरझर की रेत का हो रहा परिवहन....

सिंगरौली. रेत के अवैध खनन व परिवहन पर भले ही जिम्मेदार रोक लगाने का दावा करते हो, लेकिन हकीकत यही है कि वर्तमान में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रेत का अवैध खनन व परिवहन जारी है। राजनीतिक दबाव की आड़ में ठटरा के नाम पर पिपरझर की रेत का हो रहा परिवहन इसका जीता जागता उदाहरण है। शाम ढलने के बाद स्थानीय पुलिस सोन घडिय़ाल के प्रतिबंधित क्षेत्र से निकलने वाले रेत वाहनों की गिनती में जुट जाती है। क्षेत्र के स्थानीय रहवासियों की माने तो सोन घडिय़ाल क्षेत्र के पिपरझर में शाम ढलने के बाद रेत खनन शुरू हो जाता है। जबकि यह क्षेत्र रेत खनन के लिए प्रतिबंधित किया गया है।

राजनीतिक पकड़ के दम पर कारोबारी पुलिस से मिलीभगत कर पिपरझर से हर रोज करीब 60 से 70 ट्रैक्टर रेत की निकासी कर रहे हैं। पिपरझर से निकलने वाली रेत ठटरा खदान के इर्दगिर्द भंडारित की जाती है और ठटरा से निकली रेत का हवाला देते हुए उसका परिवहन कर दिया जाता है। कुछ वाहनों की टीपी होती है और ज्यादातर वाहनों को बिना रायल्टी काटे ही हरी झंडी दे दी जाती है।सूत्रों की माने तो हर तरह के वाहनों की गिनती के लिए कारोबारियों के आदमी के साथ स्थानीय पुलिस भी वहां मौजूद रहती है। रेत के अवैध खनन व परिवहन का यह खेल पिछले कई दिनों से चल रहा है, लेकिन जिले के जिम्मेदार अधिकारी हैं कि ऑल इज वेल का रट लगाए बैठे हैं।

सोन घडिय़ाल के अधिकारी बने तमाशबीन

हैरत की बात यह है कि सोन घडिय़ाल क्षेत्र में रेत के अंधाधुंध खनन पर सीधी के घडिय़ाल रेंज के अधिकारी गौरफरमाने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं। अधिकारी इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। इसे भी राजनीतिक दबाव का नतीजा माना जा रहा है। इस संबंध में घडिय़ाल रेंज के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ।इधर खनिज महकमे के अधिकारी यह कहते हैं कि सोन घडिय़ाल रेंज में कार्रवाई उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। यह बात और है कि ठटरा में हो रहे गोलमाल पर खनिज महकमे ने भी चुप्पी साध रखी है।

कांदोपानी का पोर्टल खोलने की तैयारी, खनन जारी
इधर विवाद के बाद बंद किया गया कोतवाली क्षेत्र की कांदोपानी खदान का पोर्टल भी खोलने की तैयारी की जा रही है। बंद पोर्टल को चंद दिनों बाद ही खोलने निर्णय अधिकारियों पर लगातार बन रहे दबाव का नतीजा माना जा रहा है। हालांकि बिना पोर्टल खुले ही खदान में रेत का खनन शुरू हो गया बताया जा रहा है। बताया गया कि वर्तमान में राजनीतिक रसूख रखने वाले वह दोनो कारोबारी खनन कर रहे हैं, जिनके बीच विवाद की स्थिति सामने आई थी। इस संबंध में खनिज अधिकारी एके राय का कहना है कि पोर्टल विवाद की सूचना मिलने पर बंद किया गया था।जबकि विवाद वाली कोई बात सामने नहीं आई थी। अब पोर्टल खोल दिया जाएगा।

वर्जन -
पुलिस नहीं कर रही स्वीकार
पिपरझर में खनन के संबंध में गढ़वा थाना प्रभारी डीएन राज से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वहां खनन की जानकारी नहीं है। पूरे समय पुलिस को निगरानी में लगी रहती है। खुद आ कर देख सकते हैं। लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि ठटरा खदान के आस-पास क्षेत्र में रेत का कई जगह भंडारण कैसे हो रहा है तो उन्होंने इस संबंध में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

Amit Pandey
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