लॉकडाउन ने कर दिया करोड़ों रुपए का नुकसान, बस संचालकों पर टूट पड़ा मुसीबतों का पहाड़

डेढ़ महीने से नहीं हुई एक रुपए की आमदनी....

By: Ajeet shukla

Updated: 12 May 2020, 10:23 PM IST

सिंगरौली. लॉकडाउन के तीसरे चरण में जिले की सीमा के भीतर लोक परिवहन की इजाजत दे दी गई है, लेकिन इजाजत मिले एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद अभी तक बस जैसे अन्य वाहनों का संचालन शुरू नहीं हो सका है।

लोक परिवहन के बावत निर्धारित शर्तें व यात्रियों का अभाव इसकी मूल वजह है। नतीजा बस सहित अन्य वाहनों के मालिकों का आर्थिक नुकसान अनवरत जारी है। बस स्टैंड बैढऩ का हो या फिर देवसर, जयंत व मोरवा का, डेढ महीने से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद बस स्टैंडों में सन्नाटा बरकरार है।

जिले में करीब 200 बसों व 800 ऑटो जैसे वाहनों के पहिए थमे हुए हैं। इससे बस मालिकों की एक ओर जहां आय ठप हो गई है। वहीं उनके लिए लोन पर लिए गए वाहनों की किश्त भर पाना भी मुमकिन नहीं हो रहा है। बस मालिक सच्चिदानंद दुबे की माने तो अब तक करीब 200 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ हे।

ट्रेनों का बंद होना व सीमा पर प्रतिबंध बना कारण
बस संचालकों के मुताबिक लोक परिवहन की अनुमति तो दे दी गई है, लेकिन जब यानी ही नहीं मिलेंगे तो अनुमति मिलने का कोई मतलब नहीं है। यात्री तब मिलेंगे जब ट्रेनों का संचालन शुरू होगा और सीमा में प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को हटाया जाएगा।

बताया गया कि लोक परिवहन में लगे वाहनों को 50 फीसदी यात्री ट्रेनों के माध्यम से मिलते हैं। 30 फीसदी कोर्ट, स्कूल व कॉलेजों से, 10 फीसदी गांवों से और 10 फीसदी कंपनियों व कार्यालयों से यात्री मिलते हैं। इस तरह से ट्रेनों का संचालन शुरू होने पर ही लोक परिवहन में लगे वाहनों के दिन लौटेंगे।

इन शर्तों के साथ मिली है लोक परिवहन की अनुमति
- बसों में एक सीट पर केवल एक यात्री बैठाने का निर्देश।
- बस सहित अन्य वाहनों में सेनेटाइजर उपलब्ध कराना।
- वाहन में केवल मास्क लगाने वालों को बैठने की अनुमति।
- वाहन में सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था का पालन करना।

फैक्ट फाइल
200 करोड़ का कारोबार ठप
60 हजार लोगों की यात्राएं प्रभावित
200 बस जिले भर में चलती हैं
800 ऑटो जिले भर में दौड़ रहे
08 सिटी बस और अन्य टैक्सी भी

Ajeet shukla Reporting
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