कलेक्ट्रेट का अधिकारी बनकर करता था ठगी, कइयों से ऐंठ लिया लाखों रुपए, जानिए पुलिस ने कैसे पकड़ा

कलेक्ट्रेट का अधिकारी बनकर करता था ठगी, कइयों से ऐंठ लिया लाखों रुपए, जानिए पुलिस ने कैसे पकड़ा
Cheating crook caught by Singrauli police

Amit Pandey | Updated: 23 Aug 2019, 12:47:10 PM (IST) Singrauli, Singrauli, Madhya Pradesh, India

एसपी ने किया खुलासा....

सिंगरौली. हेलो...मंै कलेक्ट्रेट से बोल रहा हूं, तुम्हारा चेक आ गया है, जल्दी से आकर ले लो। नहीं तो फिर वापस चला जाएगा। बाद में सहायता राशि नहीं मिल पाएगी। कुछ इसी अंदाज में दबाव बनाकर रुपए ऐंठता रहा। बात उस ठग की कर रहे हैं, जिसने खुद को कलेक्ट्रेट का अधिकारी बता कर लोगों से लाखों रुपए ऐंठ लिया है।ठगी करने वाला शातिर बदमाश एक मृतक के परिजनों को झांसा देकर ठगी का शिकार बनाया है। फिलहाल कई मामले में लाखों रुपए का ठगी करने वाले आरोपी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में गुरुवार को एसपी अभिजीत रंजन ने मामले का खुलासा करते हुए ठगी के मामलों का पर्दाफाश किया है।

एसपी अभिजीत रंजन ने बताया कि आरोपी शेरअली पिता बजीर बख्स निवासी देवगवां थाना जियावन ठगी करने का नयाब तरीका निकाला था। बीमारी या किसी अन्य तरीके से हुई मौत के बाद आरोपी उस परिवार का नंबर अरेंज करके उनसे कलेक्टे्रट का अधिकारी बताकर सहायता राशि दिलाने के लिए बात करता था। सहायता राशि दिलाने के लिए आरोपी मृतक के परिजनों से पहले 25-30 हजार रुपए का ड्राफ्ट बनवाने के लिए रुपए की मांग करता था। पैसे लेने के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्हें चेक देने का आश्वासन देता था। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचने मृतक के परिजनों की नजरों से ओझल हो जाता था। इसी तरह आरोपी ने तीन लोगों को ठगी का शिकार बनाकर लाखों रुपए ऐंठ लिया है।

अधिकारियों की पोषाक में करता था ठगी
पुलिस ने बताया कि जब पीडि़त पक्ष को वह फोन करके बुलाता था तो इस दौरान पीडि़त पक्ष से अधिकारी के पोषाक में मिलने जाता था। ताकि उन्हें किसी तरह का संदेह न हो सके। आरोपी के खिलाफ कोतवाली व बरगवां में ठगी के तीन मामले दर्ज हुए थे। जिसे कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर मोबाइल व नकदी 50 हजार रुपए जब्त किया है। इस कार्रवाई में एएपी प्रदीप शेंडे, सीएसपी अनिल सोनकर, कोतवाल अरूण पाण्डेय, एसआई मुकेश झारिया, राकेश सिंह, प्रधान आरक्षक डीएन सिंह, आरक्षक पंकज सिंह, प्रवीण सिंह, संजीत कुमार, सुमंत शामिल रहे।

जानिए कौन कैसे आया झांसे में
केस-एक
गिधेर निवासी शारदा प्रसाद यादव पिता लाले प्रसाद यादव के मासूम बच्ची की मौत 14 जून को बीमारी से हो गई थी। 11 अगस्त को मासूम के परिजनों को फोन करके आरोपी शेरअली ने कलेक्ट्रेट का अधिकारी बताकर बात किया। सहायता राशि के रुप में 55 हजार रुपए का चेक आ गया है। पीडि़त पक्ष जब कलेक्ट्रेट पहुंचा तो ड्राफ्ट बनवाने के नाम पर 31 हजार रुपए की मांग किया। 28 हजार तुरंत मिल गया। इसके बाद आरोपी शेरअली मौके से फरार हो गया।

केस-दो
राजबहोरन पिता रामचरित्र पनिका निवासी करलो थाना चितरंगी के पुत्र सरोज कुमार की मौत 9 मई को दुर्घटना में सागर जिले में हो गई। 15 अगस्त को आरोपी ने रामबहोरन को फोन लगाकर कलेक्ट्रेट बुलाया। आपके पुत्र की मौत का मुआवजा सहायता राशि 55 हजार रुपए का चेक आया है। ड्राफ्ट के लिए 3118 5 रुपए लेते आना। एसबीआई बैंक के पास 3140 रुपए लेकर फार्म भरा और पीडि़त को कलेक्ट्रेट जाने के लिए बोलकर मौके से फरार हो गया।

केस-तीन
शकुंतला देवी पत्नी स्व. लाले राम वैश्य निवासी भलुगढ़ थाना बरगवां के पती की मौत गत साल हो गई थी। अप्रेल 2019 में आरोपी शेरअली बरगवां बाजार में शकुंतला को सहायता राशि का चेक 6 लाख रुपए स्वीकृत होना बताया। इससे पहले डीडी के नाम पर 80 हजार रुपए की ठगी कर लिया। शिकायत पर बरगवां

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