सर्दी व बुखार के मरीज को लगाया इंजेक्शन, यूरीन से आने लगा ब्लड, वीडियो में देखिए डॉक्टर की करनी

Balmukund Dwivedi | Updated: 02 Aug 2019, 10:53:46 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India

हिंडालको की विस्थापित कॉलोनी मझिगवां के स्वास्थ्य केंद्र का बुरा हाल, स्वास्थ्य केंद्र में पहले भी एक्सपायरी दवा दिए जाने का मामला आया था सामने

सिंगरौली. हिंडालको के विस्थापित मझिगवां कॉलोनी के स्वास्थ्य केंद्र में एक बार फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है। लापरवाही के मद्देनजर ऐसा जान पड़ता है कि स्वास्थ्य केंद्र की कमान अनुभवी स्टॉफ के बजाए अनाडिय़ों के हाथों में सौंप दिया गया है। दरअसल उपचार के लिए केंद्र में गए सर्दी-जुकाम व बुखार से पीडि़त एक मरीज की तबीयत सुधारने के बजाए और खराब हो गई। इसके पीछे केंद्र के कर्मियों की लापरवाही बताई जा रही है। कालोनी के पीडि़त रहवासी लैला बसोर की माने तो वह सर्दी-जुकाम और बुखार से पीडि़त होने के चलते सोमवार को स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए गया।वहां चिकित्सक ने उससे उसकी परेशानी पूछी। डॉक्टर के पूछने पर मरीज लैला ने बताया कि उसे सर्दी-जुकाम के चलते बुखार आ रहा है। सिर और बदन में दर्द है। जानकारी लेने के बाद डॉक्टर ने मरीज को दवा लिखते हुए कहा कि काउंटर से दवा ले लो और एक इंजेक्शन लगवा लो। मरीज लैला ने बताया कि दवा लेने और इंजेक्शन लगवाने के बाद वह घर आ गया। काउंटर पर बताए अनुसार उसने रात में दवा ली।दूसरे दिन तबियत कुछ ठीक तो हुआ, लेकिन पेट में हल्का दर्द शुरू हो गया। पेट के दर्द को नजरअंदाज कर वह स्कूल चला गया। दोपहर में लंच के समय उसके पेट का दर्द थोड़ा अधिक हो गया।बाथरूम की जरूरत महसूस हुई तो वह टॉयलेट गया। वहां उसके होश उस समय उड़ गए, जो उसके यूरीन के साथ खूब ढेर सारा ब्लड निकलने लगा। ब्लड देखकर घबराया लैला स्कूल से छुट्टी लेकर घर चला गया और परिजनों को समस्या बताई। उसके बाद निजी अस्पताल में उसका उपचार कराया गया। फिलहाल अब वह ठीक है। इस संबंध में कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी यसवंत सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। क्योंकि स्वास्थ्य केंद्र में सीरियस मरीज को रेफर कर दिया जाता है।

मरीज को उपचार के लिए ले जाया गया निजी अस्पताल
यूरीन में ब्लड निकलने से घबराया लैला आनन-फानन में छुट्टी लेकर घर पहुंचा और परिजनों को सारी बात बताई तोपरिजन उसे फौरन निजी अस्पताल ले गए।लैला के मुताबिक निजी अस्पताल में उपचार के बाद वह ठीक है। लैला और परिजनों का कहना है कि अस्पताल में बताया गया कि दवा या फिर इंजेक्शन के साइड इफेक्टके चलते यूरीन से ब्लड निकला। हालांकि इस संबंध में स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ.अनिल शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मरीज की पर्ची देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

पहले एक्सपॉयर दवा दिए जाने प्रकाश में आ चुका है मामला
केंद्र में उपचार को लेकर कॉलोनी के रहवासी भयाक्रांत रहते हैं। इसकी मूल वजह यह है कि पिछले वर्ष भी मरीजों को एक्सपॉयर दवा दिए जाने का मामला प्रकाश में आया था। जांच-पड़ताल शुरू हुई तो पूरे मामले की लीपापोती कर दी गई। दवाओं में जमीन के भीतर गाड़ दिया गया था। यह मामला पूरी कॉलोनी में चर्चा का विषय बन गया था, लेकिन नतीजा सिफर रहा।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned