फ्लाईऐश की समस्या से मिलेगी बड़ी राहत, किया बंदोबस्त

एनसीएल व एनटीपीसी का संयुक्त प्रयास ....

By: Ajeet shukla

Published: 03 Jul 2021, 11:41 PM IST

सिंगरौली. एनटीपीसी विंध्याचल द्वारा एनसीएल की गोरबी खदान में फ्लाई ऐश डिस्पोजल सिस्टम के परीक्षण संचालन की शुरुआत कर दी गई है। गोरबी खदान फ्लाई ऐश निपटान प्रणाली का परीक्षण संचालन 30 जून को सफल पाया गया है। बल्कर से फ्लाई ऐश को प्रेशराइज्ड एयर द्वारा हाइड्रो मिक्स चेंबर में ले जाया गया और गड्ढे में डंपिंग के लिए स्लरी में बदल दिया गया।

एनटीपीसी विंध्याचल के कार्यकारी निदेशक मुनीश जौहरी व एनसीएल के अधिकारियों की मौजूदगी में यह परीक्षण किया गया है। इस तरह से फ्लाईऐश को ठिकाने लगाने को लेकर लंबे समय से चल रही कवायद जल्द ही धरातल पर नजर आने लगेगा। इस खदान को 1996-97 में बंद कर दिया गया था।

एनटीपीसी विंध्याचल और एनसीएल के बीच जनवरी 2019 में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। विभिन्न प्रकार के पर्यावरण अध्ययन करने और विभिन्न वैधानिक प्राधिकरणों से मंजूरी प्राप्त करने के बाद आवश्यक राख निपटान उपकरण को स्थापित किया गया। जिसके बाद यह परीक्षण पूरा किया जा सका।

30 मिलियन टन फ्लाईऐश हो सकेगा डंप
कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक एनसीएल की गोरबी खदान में पूर्ण रूप से खनन बंद होने के बाद एनटीपीसी को 14 मिलियन क्यूबिक मीटर का भाग दिया गया है। इसमें करीब 30 मिलियन टन फ्लाई ऐश को समायोजित किया जा सकेगा। खदान में फ्लाईऐश भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। माना जा रहा है कि एनटीपीसी इसमें 10 वर्षों तक फ्लाईऐश भर सकेगा।

वाहन से होगा फ्लाईऐश का परिवहन गोरबी खदान में फ्लाईऐश डालने को लेकर अब तक किए गए परीक्षण और की गई कवायद के मद्देनजर खदान तक फ्लाई ऐश पहुंचाने के लिए बंद बल्कर का प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए कंपनी द्वारा कवायद शुरू कर दी गई है। यह बात और है कि फ्लाईऐश का बल्कर के माध्यम से परिवहन शुरू होने पर सड़क पर परिवहन का दबाव बढ़ेगा। इससे आमजनता को समस्या हो सकती है।

Ajeet shukla Reporting
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