सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र देकर बेरोजगारों को ठगने वाला एमपी से हुआ गिरफ्तार

बेरोजगारों से ठगी करने वाला मास्टर माइण्ड जनपद सदस्य अरविंद शाह है मुख्य आरोपी

By: राजीव जैन

Published: 09 Dec 2017, 10:06 PM IST

सिंगरौली. शिक्षित बेरोजगारों को कंपनियों में रोजगार दिलाए जाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठने वाले आरोपी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैं। आरोपी राकेश शाह और अरविंद शाह जनपद सदस्य बेरोजगारों से एनसीएल,बीजीआर, वीपीआर जैसी परियोजनाओं में नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से पैसा लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र जारी किया करता था। आरोपी के पास से फर्जी सील कोल इंडिया लिमिटेड कोलकाता,नार्दन कोल फील्ड्स सिंगरौली एवं आर.के.शाह सुरक्षा प्रबंधक एनसीएल सिंगरौली की सील मुहर बरामद की गई हैं। इससे पहले आरोपी एएसपी के यहां पत्नी के साथ पहुंच किडनैप करने का आरोप लगाते हुए अपने जान-माल के सुरक्षा की गुहार लगाया था।
पुलिस अधीक्षक विनीत जैन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकान्त शर्मा के निर्देशन एवं नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में अपराधियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत कोतवाल मनीष त्रिपाठी ने सैकड़ों बेरोजगारों को अच्छी नौकरी का सपना दिखाकर रुपए ऐंठने वाले जालसाज को गिरफ्तार किया गया है। टीआई ने बताया कि एक दर्जन से अधिक जालसाजी के शिकार बेरोजगार युवा आवेदन लेकर मेरे पास आये थे उक्त मामले को गंभीरता से समझते हुए उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन से आरोपियों की पतासाजी के लिए टीम रवाना किया। जिसमें मुय आरोपी जनपद सदस्य अरविंद शाह पिता ललन शाह और राकेश शाह पिता रामलल्लू शाह को गिरतार किया गया। उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी मनीष त्रिपाठी के साथ सहायक उप निरीक्षक बालेन्द्र शेखर, रामजी त्रिपाठी, पीएसआई प्रियंका मिश्रा, प्रधान आरक्षक संतोष सिंह, रामायण द्विवेदी, अरविन्द चौबे, पिन्टू राय, आरक्षक संजय सिंह,श्यामसुन्दर वैश्य शामिल रहे।

इन बेरोजगार युवकों को लगाया चपत
पुलिस ने बताया कि इन पीडि़त गजानन वर्मा 30 हजार रुपये, मुकेश जायसवाल 30 हजार रुपये, सुमित शाह 40 हजार रुपये, दिलीप शाह 54 हजार रुपये,बृजेंद्र शाह व अरविन्द शाह 75 हजार रुपये, मुकेश शाह 35 हजार रुपये, रामकिसुन शाह 40 हजार रुपये, घनश्याम सिंह गोंड 30 हजार रुपये, रामदयाल साकेत 30 हजार रुपये, संजय कुशवाहा 30 हजार रुपये, जितेंद्र शाह 6 500 रुपये, योगेन्द्र जायसवाल 25 हजार रुपये, अरविंद शाह 45 हजार रुपये, राजेश वैस 30 हजार रुपये, कृष्णा शाह 20 हजार रुपये, अजय शाह 6 0 हजार रुपये से नौकरी दिलाने के नाम पर लिया गया था।

एमटेक के बाद पीएचडी कर रहा शातिर
बताया जा रहा है कि आरोपी राकेश शाह उत्कृष्ट विद्यालय बैढऩ में 12वीं कक्षा में टॉपर छात्र रहा है । साथ ही उसके पास बी.ई. जबलपुर मेकैनिकल का टापर,एम.टेक जबलपुर का टापर,आईटीआई बैढऩ,डिप्लोमा इन सेटी नागपुर फस्र्ट रैंक, डीसीए,पीजीडीसीए, कैटिया, सी प्लस-प्लस आदि डिग्री है। वर्तमान में पीएचडी कर रहा है और अधिकतर ठगे गये बेरोजगार इसके चमक-धमक से प्रभावित हो चुके हैं करीब से जानते थे। जिस पर थाना बैढऩ ने धारा 420,46 7,46 8 ,471 आईपीसी कायम किया गया है।

कंपनियों में इन पदों पर देता था फर्जी नियुक्ति पत्र
एमटेक सहित अन्य डिप्लोमा हासिल करने वाले शातिर मास्टर माइण्ड आरोपी व अपने सहयोगी जनपद सदस्य तथा कार्ड बनाने वाले शातिर आरोपी द्वारा ओबी कंपनी व अन्य एनसीएल परियोजनाओं में ब्लास्ंिटग इंचार्ज, सेफ्टी मैनेजर जैसे पदों पर फर्जी नियुक्ति पत्र व पहचान पत्र देकर रकम ऐंठी जाती थी।

राजीव जैन
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