scriptGarbage-free Singrauli city: felt like a pile of dirt | तमगा कचरा मुक्त शहर का, लगा है गंदगी का ढेर | Patrika News

तमगा कचरा मुक्त शहर का, लगा है गंदगी का ढेर

शहर को थ्री स्टॉर से आगे नहीं बढऩे दे रही कंपनियां ....

सिंगरौली

Published: December 07, 2021 12:34:02 am

सिंगरौली. तमाम कोशिशों के बावजूद पिछले तीन सर्वेक्षण से नगर निगम को कचरा मुक्त शहर की श्रेणी में थ्री स्टॉर मिल रहा है। एड़ीचोटी का जोर लगाने के बावजूद फाइव स्टॉर मिलने का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह यहां संचालित कंपनियों की उदासीनता मानी जा रही है।
Garbage-free Singrauli city: felt like a pile of dirt
Garbage-free Singrauli city: felt like a pile of dirt
कचरा प्रबंधन को लेकर कंपनियों में हो रही औपचारिकता को लेकर नगर निगम अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई तो अगले सर्वेक्षण में भी फाइव स्टॉर मिलने का सपना अधूरा रह सकता है। दरअसल नगर निगम सीमा क्षेत्र में दो प्रमुख बड़ी कंपनियों का आवासीय परिसर आता है। एनसीएल और एनटीपीसी के आवासीय परिसर से निकलने वाले कचरा का प्रबंधन कंपनियों को ही करना है।
शहरी क्षेत्र में कचरा संग्रहण से लेकर प्रबंधन तक की जिम्मेदारी संभाल रही सिटाडेल कंपनियों के आवासीय परिसर से न ही कचरा का संग्रहण करती है और न ही उनके कचरा का प्रबंधन किया जाता है। कहने को तो कंपनियां अपने आवासीय परिसर से निकलने वाले कचरा का खुद प्रबंधन कर रही हैं, लेकिन हकीकत में यह केवल औपचारिकता तक सीमित है। स्थिति यह है कि आवासीय परिसरों का कचरा यहां वहां ठिकाने लगा दिया जा रहा है। कचरा मुक्त शहर की रैंकिंग प्रभावित होने की यह मुख्य वजह मानी जा रही है।
निगम अधिकारी बने तमाशबीन
कचरा प्रबंधन को लेकर कंपनियों की हीलाहवाली से अधिकारी वाकिफ हैं, लेकिन उनकी ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों से सर्वेक्षण की तैयारी के दौरान कंपनियों को कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था किए जाने का निर्देश दिया जाता है, लेकिन उसके बाद अधिकारी निर्देश का पालन कराने की जरूरत नहीं समझते और न ही कंपनियां निर्देश पर गंभीरता के साथ अमल करती हैं।
फाइव स्टॉर के लिए कोशिश
कचरा मुक्त शहर की रैंकिंग में नगर निगम अधिकारी पिछले दो वर्षों से फाइव स्टॉर रैंक मिलने की उम्मीद रहे हैं, लेकिन पहले वर्ष 2020 में और अब 2021 में फाइव स्टॉर का तमगा नहीं मिल सका है। निगम अधिकारियों को पिछले दो बार से थ्री स्टॉर में ही संतोष करना पड़ रहा है। स्वच्छता से जुड़े अधिकारियों की माने तो कंपनियों में कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था होने के बाद ही फाइव स्टार सिटी का तमगा मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
कंपनियों को कर रहे नजरअंदाज
नगर निगम की ओर से एक बार फिर स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी तेज कर दी गई है। तमाम तरह के अभियान शुरू हैं, लेकिन कंपनियों को कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था करने के बावत अभी भी नहीं टोका जा रहा है। अधिकारी कंपनियों की उदासीनता को नजर अंदाज कर रहे हैं। इसके पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। नगर निगम अधिकारी इस मामले में गोलमोल जवाब दे रहे हैं।
अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2016 का उल्लंघन
कंपनियों के कई आवासीय परिसर में घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था भी नहीं है। कंपनियों की इस मनमानी के चलते ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2016 का उल्लंघन किया जा रहा है। नियमावली के तहत कंपनियों को घर घर का संग्रहण की व्यवस्था के साथ उचित रूप में कचरा प्रबंधन किया जाना चाहिए। कालोनियों की आबादी के मद्देनजर कंपनियों का कचरा प्रबंधन के लिए बड़ा प्लांट लगाना होगा।

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