scriptIncreased interest of patients in AYUSH medicine, no facilities in Sin | आयुष चिकित्सा में मरीजों की बढ़ी रुचि, सुविधाएं नहीं | Patrika News

आयुष चिकित्सा में मरीजों की बढ़ी रुचि, सुविधाएं नहीं

महज 4 चिकित्सकों के भरोसे पूरा जिला .....

सिंगरौली

Published: January 12, 2022 01:02:22 am

सिंगरौली. कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में एक बार फिर आयुष चिकित्सकों की कमी खलने लगी है। वजह एक ओर जहां जिला अस्पताल में उनकी जरूरत महसूस हो रही है। वहीं शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक में मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। इन सबके बीच विभाग में केवल 4 चिकित्सक पूरा जिला संभाल रहे हैं। स्थिति यह है कि मरीजों को दवासाज परामर्श दे रहे हैं।
Increased interest of patients in AYUSH medicine, no facilities in Singrauli
Increased interest of patients in AYUSH medicine, no facilities in Singrauli
कोरोना की दूसरी लहर में आयुष चिकित्सकों का महत्व समझ में आया। इसके बाद ही जिला स्तर से शासन को स्वीकृत पद के सापेक्ष चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजा गया। चितरंगी विधायक की ओर से भी मांग की गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा है। स्थिति यह है कि जिले में स्वीकृत 14 पद के सापेक्ष केवल 4 चिकित्सक शेष बचे हैं। चिकित्सकों के अलावा विभाग में दूसरे स्टॉफ का हाल भी कुछ ऐसा ही है।
जिला भर में 14 शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय संचालित हैं। इन सभी औषधालयों के सापेक्ष आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी के 14 पद स्वीकृत हैं। साथ ही इतनी ही संख्या में आयुर्वेद कंपाउंडर के पद स्वीकृत है, लेकिन वर्तमान में पूरे जिले में केवल दो कंपाउंडर पदस्थ हैं। महिला आयुर्वेद स्वास्थ्य कार्यकर्ता व औषधालय सेवक यानी दवासाज की स्थिति कुछ हद तक ठीक है। औषधालय केवल इन्हीं दोनों के भरोसे चल रहा है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता के स्वीकृत 11 पद के सापेक्ष 6 कार्यकर्ता पदस्थ हैं, जबकि 14 पदों के सापेक्ष 8 दवासाज उपलब्ध हैं। बताया कि चिकित्सकों से मोबाइल पर बात कर मरीजों को दवासाज ही परामर्श दे रहे हैं।
आयुष विंग का सपना अभी अधूरा
चिकित्सकों सहित अन्य स्टॉफ की कमी के बीच अभी आयुष विंग का सपना भी अभी अधूरा है। शासन स्तर से आयुष विंग के लिए भवन तैयार करने का बजट स्वीकृत कर दिया गया है, लेकिन जमीन मुहैया नहीं होने के चलते विंग के शुरू होने की योजना पूरी नहीं हो पा रही है। जमीन जिला चिकित्सालय के बगल चिह्नित की गई है, लेकिन फाइल एसडीएम कार्यालय में डंप है। आयुष अधिकारी डॉ. अनुपमा का कहना है कि आयुष विंग के लिए भवन तैयार हो जाए तो नियुक्तियां भी हो जाएंगी। भवन के अभाव में कई सारी सुविधा नहीं मुहैया हो पा रही हैं।
यहां हैं औषधालय
जिले में कुल 14 औषधालय हैं। यह औषधालय करौंटी, चरगोड़ा, माड़ा, खुटार, देवरी बांध, सजहर, झारा व रजनिया में है। इसके अलावा चितरंगी क्षेत्र के दुधमनिया, धरौली, बिछी, लमसरई, कुलकवार व गोपला में औषधालय स्थित है। वर्तमान में इन औषधालयों व आयुष चिकित्सकों की जरूरत बढ़ गई है। उपलब्ध आधे-अधूरे स्टॉफ को जिला प्रशासन ने दवा वितरण सहित कोविड मरीजों की देखरेख में लगाया गया है। कोविड से सुरक्षा के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए दवा भी आयुष विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जा रही है।

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