वित्तीय वर्ष 2023-24 तक 130 मिलियन टन का उत्पादन करेगी एनसीएल

खुद सीएमडी ने दी जानकारी ....

By: Ajeet shukla

Published: 22 Jan 2021, 11:29 PM IST

सिंगरौली. कोयला क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एनसीएल पर्यावरण के अनुकूल माध्यमों से वर्ष 2023-24 तक 130 मिलियन टन कोयले का उत्पादन व प्रेषण का लक्ष्य पूरा करेगी। एनसीएल के सीएमडी प्रभात कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के दौरान कंपनी के इस लक्ष्य को सार्वजनिक किया।

एनसीएल मुख्यालय में आयोजित ओपेन कास्ट माइनिंग टेक्नोलॉजी एंड सस्टेनिबिलिटी 'आइकॉम्सÓ विषय पर आधारित अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर सीएमडी सिन्हा ने कहा कि लक्ष्य को प्राप्त करने के मद्देनजर कंपनी की संरचनाओं के नवीनीकरण व विकास का कार्य भी किया जाएगा।

इसके लिए करीब 7000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के आलोक में आगामी कई दशकों तक कोयले की महत्वपूर्ण भूमिका बनी रहेगी। साथ ही निकट भविष्य में एनसीएल देश में कोयला आयात को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इससे पहले कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक प्रमोद अग्रवाल ने आइकॉम्स का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में 'आइकॉम्सÓ के आयोजन को वर्तमान परिस्थिति में कोयला उद्योग के लिए अत्यंत ही प्रासंगिक बताया।

उन्होंने कहा कि विश्व के प्रतिष्ठित खनन पेशेवर, तकनीकी विशेषज्ञ, शिक्षाविद, वैज्ञानिक, शोधकर्ता व विद्यार्थी देश की गतिशील अर्थव्यवस्था के अनुरूप कोयला क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए जो विचार प्रस्तुत करेंगे, वह उद्योग की तरक्की के लिए कारगर होंगे। इस अवसर पर एनसीएल के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदर्शनी में दिखी उच्च तकनीकी
कांफ्रेंस के इस मौके पर तकनीकी आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में 50 बहुराष्ट्रीय कंपनियां, एमएसएमइ व आइआइटी बीएचयू इंक्यूबेशन सेंटर ने संबद्ध स्टार्ट अप खनन क्षेत्र से संबंधित नवीनतम प्रौद्योगिकी और नवाचारों को प्रदर्शित किया।

पोस्टर प्रदर्शनी में विचारों की झलकियां
इस अवसर पर पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। प्रदर्शनी में अलग-अलग विषयों पर विचार प्रस्तुत किए गए। सीएमडी एनसीएल प्रभात कुमार सिन्हा ने निदेशक मंडल के साथ पोस्टर प्रदर्शनी का अवलोकन कर इसकी शुरुआत की।

देश विदेश के 85 शोधपत्र होंगे प्रस्तुत
कांफ्रेंस के उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी सत्रों की शुरुआत हुई। तकनीकी सत्रों में यूएसए, ऑस्ट्रेलिया, टर्की, कोरिया, ईरान समेत देश विदेश के वैज्ञानिक, शिक्षाविद व तकनीकी विशेषज्ञ शोधपत्र व विचार प्रस्तुत करेंगे। दो दिनों में करीब 85 शोध प्रस्तुत करेंगे।

Ajeet shukla Reporting
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