कोरे आश्वासन से तंग आ गए फरियादी ने जिला अधिकारियों को ही दे दी चेतावनी

कोरे आश्वासन से तंग आ गए फरियादी ने जिला अधिकारियों को ही दे दी चेतावनी
Jansunwai in Singrauli collectorate, victim threatened to eat poison

Ajit Shukla | Publish: Jun, 25 2019 09:33:28 PM (IST) Singrauli, Singrauli, Madhya Pradesh, India

जानिए आवेदन में क्या लिखा....

सिंगरौली. अब की बार समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अगले मंगलवार को यहीं पर जहर खा लूंगा। टूसाखाड़ के राम प्रसाद साहू ने अपने इस निर्णय से जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी अवगत कराया है। जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे जमीनी समस्या से पीडि़त राम प्रसाद ने इस बात का जिक्र बाकायदा लिखित रूप में अधिकारियों को दिए गए आवेदन में किया है।

राम प्रसाद की समस्या यह है कि उनकी जमीन पर परिवार के कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। दावा है कि न्यायालय का आदेश होने के बावजूद उनकी जमीन पर परिवार के लोग काबिज हैं। जनसुनवाई में कई बार आवेदन देने के बाद भी राहत नहीं मिली है। हर बार केवल आश्वासन मिलता है।

कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचे राम प्रसाद ऐसे अकेले नहीं रहेे, जिन्हें समस्या के समाधान के लिए कई बार से चक्कर लगाना पड़ रहा है। दो सौ से अधिक लोगों की लाइन में ऐसे फरियाद कम ही मिले, जो समस्या लेकर पहली बार जनसुनवाई में पहुंचे।

ऐसेे फरियादियों की संख्या काफी अधिक रही, जो समस्या के समाधान के लिए कई बार से चक्कर लगा रहे हैं। हर बार उन्हें आश्वासन तो मिलता है, लेकिन हकीकत में समस्या का समाधान नहीं होता है। यही वजह है कि जनसुनवाई में फरियादियों की संख्या कम होने के बजाए निरंतरण सैकड़ों में बनी हुई है।

332 लोगों ने सुनाई अपनी समस्या
महीने के अंतिम मंगलवार को भी जनसुनवाई में 332 फरियादियों के पहुंचने की जानकारी मिली है। कई फरियादियों की समस्या का तत्काल निराकरण किए जाने की बात कही गई है। जनसुनवाई में मिले ज्यादातर आवेदन औद्योगिक कंपनियों में रोजगार दिलाने व गरीबी रेखा में नाम जोड़वाने से संबंधित रहा है। इसके अलावा विद्युत अधिभार कम कराने, गंभीर बीमारी में आर्थिक सहायता दिलाने के भी कई आवेदन मिले।

एक बार में नहीं होता समाधान ये हैं उदाहरण

उदाहरण:-01
बिना बिजली कनेक्शन आ रहा बिल
जनसुनवाई में पहुंचे चितरवई खुर्द गांव के देवलाल पनिका, अरूण पनिका व भोरी लाल साकेत के मुताबिक उनके गांव में कई लोगों के घरों में बिजली का कनेक्शन नहीं है, लेकिन इसके बाद भी बिजली का बिल आ रहा है। कई बार जनसुनवाई में आवदेन देकर बिल बंद कराने और बकाया को शून्य कराने की अपील की गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा है।

उदाहरण:-02
खंभा लगाकर तार लगाना भूले जिम्मेदार
जनसुनवाई में गोभा गांव से पहुंचे रामरक्षा वैश्य ने बताया कि उनके गांव में दो साल पहले बिजली की सुविधा देने के लिए खंभे लगाए गए, लेकिन अभी तक तार नहीं लगाया गया। खंभों में तार लगाया जाए ताकि ग्रामीणों को बिजली की सुविधा मिल सके। इसको लेकर कई बार मांग की गई। आज तीसरी बार आए हैं। आश्वासन मिला लेकिन काम नहीं हुआ।

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