अव्यवस्था: सिंगरौली में लिया प्रवेश, सीधी में चल रही छठवीं की कक्षा

जिले के नवोदय विद्यालय में स्थान का अभाव ....

By: Ajeet shukla

Published: 11 Oct 2021, 10:37 PM IST

सिंगरौली. काफी कोशिशों के बाद जिले में जवाहर नवोदय विद्यालय खुला तो लेकिन प्रशासन व प्राचार्य की उदासीनता के चलते विद्यालय अव्यवस्था का शिकार बन गया। आलम यह है कि एक ओर जहां छात्र विद्यालय छोड़ रहे हैं। वहीं दूसरी कक्षा संचालन के लिए कमरे की कमी के चलते पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को सीधी नवोदय विद्यालय तक जाना पड़ रहा है।

जिले में तीन वर्ष पहले वर्ष 2018 में जवाहर नवोदय विद्यालय का शुभारंभ किया गया। बिल्डिंग के अभाव में विद्यालय को शासकीय आइटीआइ पचौर का एक भवन दे दिया गया। योजना थी कि छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी से पहले विद्यालय की बिल्डिंग तैयार कर दी जाएगी। रंपा में विद्यालय को 8.1 हेक्टेयर जमीन आवंटित कर निविदा प्रक्रिया के जरिए ठेका एजेंसी भी तय कर ली गई।

जमीन में अतिक्रमण के चलते बिल्डिंग का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। वहीं दूसरी विद्यालय में तीन वर्षों में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ गई। स्थिति यह है कि एक कमरे में लगने वाले कक्षा में अब इतनी जगह नहीं बची है कि कक्षा छह से नवीं तक के छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा सके। नतीजा कक्षा छठवीं इस शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले 40 छात्र-छात्राओं को सीधी नवोदय विद्यालय में पढ़ाई करने भेजना पड़ा है।

कक्षा 8 के 5 छात्रों ने छोड़ दिया विद्यालय
अगले शैक्षणिक सत्र में कक्षा नवीं में प्रवेश के लिए विद्यालय के प्राचार्य आरके कस्तवार ने 5 सीट रिक्त बताई है। इसकी वजह यह है कि 5 छात्रों ने विद्यालय छोड़ दिया है। इसके पीछे विद्यालय की अव्यवस्था वजह बताई जा रही है। विद्यालय के प्रारंभ होने के दूसरे वर्ष व्यवस्था के अभाव के चलते छठवीं में केवल 35 बच्चों का प्रवेश लिया गया था। यही वजह है कि इस समय आठवीं में केवल 35 बच्चे हैं।

100 की क्षमता बच्चे 130 है
बताया गया कि विद्यालय को मिले आइटीआइ के भवन में एक हाल में विभाजन कर सभी कक्षाएं चलाई जाती हैं। हॉल की क्षमता 100 बच्चों की है, लेकिन विद्यालय में जैसे-तैसे कक्षा 7 से नवीं तक 131 बच्चों की कक्षाएं चलाई जा रही हैं। दो मंजिला भवन में नीचे बच्चों की कक्षाएं व छात्रापस की व्यवस्था है। ऊपर के मंजिल में प्राचार्य ने आवास बना रखा है।

अधर में लटका बिल्डिंग निर्माण कार्य
इधर, विद्यालय भवन का निर्माण अधर में लटका है। बिल्डिंग के लिए 19 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। भवन निर्माण का ठेका एचएससीएल को मिला है। विद्यालय के लिए प्रशासनिक भवन के साथ 14 कक्षाओं वाला भवन बनाना होगा। इनमें प्राचार्य व उप प्राचार्य कक्ष के अलावा कार्यालय हाल, स्टॉफ रूम, पुस्तकालय हाल व 5 प्रयोगशाला साथ एक बालक व एक बालिका छात्रावास बनाना होगा। बालक छात्रावास 190 सीट का और बालिका छात्रावास 98 सीट का होगा।

Ajeet shukla Reporting
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