रेत खनन में राजनीतिक रसूखदारों का खेल : एक तरफ कर रहे अवैध खनन, दूसरी ओर से शिकायत

खुद के कारनामे को छिपाने के लिए बुन रहे तानाबाना...

By: Amit Pandey

Published: 18 Feb 2020, 01:56 PM IST

सिगरौली. रेत खनन में राजनीतिक रसूखदार खेल कर रहे हैैं। एक तरफ धड़ल्ले से अवैध खनन करा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर शिकायत कराकर खुद के कारनामे को छिपाने के लिए तानाबाना बुन रहे हैं। कांदोपानी मेंं बिना मंजूरी रेत खनन सफेदपोशधारी करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यह सब रसूख के दम पर चल रहा है। रेत के अवैध कारोबार में संलिप्त कांग्रेस नेता खुद को साफ-स्वच्छ छवि वाले बता रहे हैं। जबकि हकीकत देखा जाए तो कांदोपानी में बिना मंजूरी सत्ता का धौंस देकर रेत का अवैध करोबार कर रहे हैं।

साथ ही कांदोपानी में जहां रेत खनन के लिए मंजूरी दी गई है। कांग्रेस नेता उसे अवैध बताकर शिकायत करा रहे हैं। जबकि स्वीकृत रेत खदान के आसपास कांग्रेस नेता खुद अवैध खनन कर रहे हैं और रायल्टी मंजूर खदान से काटी जा रही है। बतादें कि चंद पैसे की लालच में नेता भी रेत का अवैध कारोबार करने में पीछे नहीं हैं। उन्हें यह डर सता रहा है कि अब आने वाले समय में शायद ऐसा मौका ना मिले। इस तर्ज पर कांग्रेस नेता रेत कारोबार में संलिप्त हैं। दिनभर में रेत से भरे सैकड़ों वाहन यूपी भेजे जा रहे हंै। कम समय को ध्यान में रखते हुए कारोबार तेजी से चल रहा है।

ज्यादातर खदानों में सक्रिय नेता
इन दिनों रेत खदानों में ज्यादातर कांग्रेस के नेता सक्रिय हैं। कांदोपानी से लेकर माड़ा तक में रेत की खदानों में देखा जाए कांग्रेसी नेता हाथ पांव मार रहे हैं। इनके आगे अन्य कारोबारी खनन की करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं क्योंकि नेताओं की ओर से मारपीट करने की खुलेआम धमकी दी जा रही है। यही कारण है कि नेता रेत के कारोबार में पूरी तरह से सक्रिय है। सत्ता के बलबूते बिना मंजूरी रेत खनन के कारोबार को अंजाम दे रहे हैं।

अब बस कुछ दिनों की बात
ऐसी संभावना जताई जा रही है कि बस कुछ ही दिनों में एकल व्यवस्था के तहत जिस कंपनी को रेत खनन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उसके जरिए रेत का खनन व परिवहन किया जाएगा और मौजूदा वक्त में जो व्यवस्था चल रही है उसे बंद कर दिया जाएगा। ऐसा सुनने के बाद नेताओं के होश उड़ गए हैं। हालांकि जिले के प्रभारी ने दावा किया है कि एकल व्यवस्था के बाद रेत खनन शुरू होने के बाद किसी भी माफियाओं को बख्सा नहीं जाएगा। दरअसल यह शुरू होने के बाद हकीकत का पता चलेगा।

शिकायत कराकर किया बचाव
बतादें कि रेत खनन की शिकायत प्रभारी मंत्री व पंचायत मंत्री से कराकर कांग्रेसी नेता अपना बचाव किया। उसे यह डर बना था अवैध रेत खनन के मामले में कहीं हमारा नाम सामने न आ जाए। इससे उसे पार्टी में बने रहने पर भी खतरा मडऱा रहा था। इससे पहले उसने रणनीति तय करते हुए रेत खनन की शिकायत पंचायत व प्रभारी मंत्री कर करा दिया। इससे यह साबित होता है कि रेत कारोबार में संलिप्त नेता अपना बचाव करते नजर आए।

Amit Pandey
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