टैक्स से राहत मिलने के इंतजार में हो गया करोड़ों का नुकसान

बस संचालकों ने रोड टैक्स में छूट देने सहित की है कई मांग .....

By: Ajeet shukla

Published: 05 Jul 2020, 11:36 PM IST

सिंगरौली. लॉकडाउन के दौरान बसों का संचालन बंद रहा। इसलिए रोड टैक्स से राहत दी जाए। बसों में सोशल डिस्टेंसिंग के मद्देनजर क्षमता से आधी सवारी बैठाए जाने का निर्देश है। इसलिए किराए में बढ़ोत्तरी की अनुमति दी जाए। बस संचालकों की ओर से इस तरह की कुछ और मांग शासन-प्रशासन के समक्ष रखी गई है। कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी और उन्हें राहत नहीं मिलेगी। तब तक बसों का संचालन नहीं करेंगे।

बस संचालकों की इस हठ और राहत मिलने के इंतजार में उनका और अधिक नुकसान हो गया है। निजी वाहन संचालकों के नुकसान की बात करें तो अब नुकसान 300 करोड़ रुपए के पार निकल गया है। बस संचालकों को प्रशासन की ओर से निर्धारित शर्तों के अनुपालन के साथ परिवहन की इजाजत है, लेकिन मांगों को पूरा करने की जिद में उनकी ओर से बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है। आलम यह है कि बस स्टैंड बैढऩ का हो या फिर देवसर, जयंत व मोरवा का, करीब साढ़े तीन महीने से वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। जिले में करीब 200 बसों के पहिए थमे हुए हैं।

आर्थिक नुकसान के साथ लोन भरने की चिंता
निर्धारित नियमों के तहत बसों संचालन में खर्च भी निकाल पाना मुश्किल है। इस दलील के साथ साढ़े तीन महीने से बसों के पहिए थमे हुए हैं। ऐसे में वाहन मालिकों को जहां आर्थिक नुकसान हो रहा है। वहीं उन्हें वाहनों के लोन भरने की चिंता सता रही है। बस मालिक सच्चिदानंद दुबे की माने तो इस कारोबार में लगा शायद ही ऐसा कोई वाहन मालिक हो, जिसे लोन नहीं भरना पड़ता हो। सरकार को कुछ तो राहत देनी ही चाहिए।

सवारी भी अभी नहीं मिल रही पर्याप्त
प्रशासन के निर्देश पर सिटी बसों का संचालन कुछ दिन के लिए शुरू हुआ, लेकिन सवारी के अभाव में बंद हो गई। वर्तमान में एक या दो सिटी बस ही चलती है। वाहन मालिकों के मुताबिक जब तक ट्रेन चलना शुरू नहीं होगी, सवारी मिलना मुश्किल है। क्योंकि 50 फीसदी सवारी ट्रेनों से ही मिलती है। 30 फीसदी कोर्ट, स्कूल व कॉलेज आने वालों के रूप में और 10 फीसदी गांवों से सवारी निकलती है। 10 फीसदी कंपनियों व कार्यालयों से यात्री मिलते हैं।

ऑटो चालक वसूल रहे मनमानी किराया
बसों का संचालन बंद होने से थोड़ी बहुत जो सवारी निकल रही है, उनकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए जेब काटी जा रही है। ऑटो चालक उनसे मनमानी किराया वसूल रहे हैं। नियमों को ताक पर रखते हुए उनकी ओर से एक साथ कई सवारी भी बैठाई जा रही है। जब कि ऑटो में अधिक तीन सवारी बैठाने का निर्देश है। ऑटो चालकों की इस मनमानी पर जिम्मेदार अधिकारी भी गौर फरमाने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं।

इन शर्तों के साथ मिली है लोक परिवहन की अनुमति
- बसों में एक सीट पर केवल एक यात्री बैठाने का निर्देश।
- बस सहित अन्य वाहनों में सेनेटाइजर उपलब्ध कराना।
- वाहन में केवल मास्क लगाने वालों को बैठने की अनुमति।
- वाहन में सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था का पालन करना।

फैक्ट फाइल
300 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार ठप
80 हजार लोगों की यात्राएं प्रभावित के करीब यात्री
200 बस जिले भर में चलती हैं
800 ऑटो जिले भर में दौड़ रहे
08 सिटी बस और अन्य टैक्सी भी

Ajeet shukla Reporting
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