मानसून सक्रिय होते पशुओं के लिए बजी खतरे की घंटी, सरकार लापरवाह

-अब तक नहीं शुरू हो सका है पशुओं का टीकाकरण
- पशु चिकित्सा विभाग को अभी तक मिली ही नहीं है कोई दवा

By: Ajay Chaturvedi

Published: 16 Jun 2020, 03:21 PM IST

सिंगरौली. मानसून तो सक्रिय हो गया लेकिन प्रदेश का पशु चिकित्सा विभाग अभी नींद नही जागा है। ऐसे में इस मौसम में पशुओं के लिए संकट का समय शुरू हो गया है। कायदे से अब तक पशु टीकारण शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन विभाग के पास वैक्सीन ही नहीं है। अभी अब शासन स्तर से इसकी मांग की गई है। ऐसे में इस बारिस में होने वाले रोगों को लेकर पशुपालकों में बेचैनी है।

बता दें कि बरसात का सीजन पशुओं के लिए बीमारी का सीजन होता है इस मौसम में मवेशियों को कई तरह की बीमारियां होती हैं। बताया जाता है कि बारिश का सीजन शुरू होने के बाद जैसे ही नई घास उगती है उसे खाने के बाद पशु कई तरह की बीमारियों के चपेटे में आ जाते हैं। इसमें गलाघोटू जैसी घातक बीमारी भी शामिल है जिसमें पशुओं की जान का भी खतरा रहता है। इससे बचने के लिए पशु चिकित्सा विभाग की ओर से पशुओं को वैक्सीन लगाया जाता है। लेकिन इस बार बारिश के मौसम में पशु चिकित्सा विभाग के पास वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। ऐसा पशु चिकित्सा अधिकारियों का कहना है। यह पहला मौका है जब शासन स्तर से पशुओं के टीकाकरण के लिए दवाएं जिलों को नहीं भेजी गई हैं। अब तक बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही स्टॉक उपलब्ध करा दिया जाता रहा। अब विभाग के आला अधिकारी शासन से लगातार वैक्सीन की मांग कर रहे हैं।

कोट
"शासन स्तर से वैक्सीन की माग की गई है। जैसे-जैसे दवा उपलब्ध हो रही है क्षेत्रों में वितरित कर मवेशियों को लगाई जा रही है। साथ ही क्षेत्र के विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को भी अवगत करा गया है कि जैसे ही वैक्सीन उपलब्ध हो तत्काल फील्ड में पहुंचकर मवेशियों को वैक्सीन लगाएं।"-दिनेश तिवारी, उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग

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Ajay Chaturvedi
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