कार्य में लापरवाही पर भडक़े कलेक्टर, दो दर्जन सचिवों व रोजगार सहायकों पर बड़ी कार्रवाई

चितरंगी में निर्माण कार्यों की समीक्षा....

सिंगरौली. निर्माण कार्यों में लापरवाही का खामियाजा आखिरकार रोजगार सहायकों व सचिवों को भुगतना ही पड़ गया। तमाम हिदायत के बावजूद लापरवाही बरकरार रहने पर कलेक्टर ने न केवल एक रोजगार सहायक की सेवा समाप्त करने का निर्देश दिया है। बल्कि दो दर्जन रोजगार सहायकों व सचिवों का मानदेय कटौती के लिए भी निर्देश जारी किया है। कलेक्टर केवीएस चौधरी बुधवार को चितरंगी में निर्माण कार्यों की समीक्षा करने पहुंचे थे।

चितरंगी पहुंचे कलेक्टर चौधरी ने पहले जनपद पंचायत का भ्रमण किया। उसके बाद जनपद पंचायत सभागार में ग्राम पंचायत सचिवों व रोजगार सहायकों की बैठक ली। बैठक में निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर उस समय भडक़ गए, जब उन्होंने पाया कि तमाम हिदायत के बावजूद निर्माण कार्य में रोजगार सहायकों व सचिवों की लापरवाही कायम है। लापरवाही के मद्देनजर कलेक्टर तत्काल सख्त कदम उठाते हुए ग्राम पंचायत खम्हारडीह के रोजगार सहायक की सेवा समाप्त करने का निर्देश जारी कर दिया।

रोजगार सहायक के लेबर बजट की उपलब्धि अति न्यूनतम पाई गई। साथ ही प्रधानमंत्री आवास सहित अन्य कार्यों में भारी लापरवाही मिली। लापरवाही के मामले में कार्रवाई करते हुए कलेक्टर ने ग्राम पंचायत बगैया बहरीहबा, देवरी प्रथम, बीछी, देवरी द्वितीय के सचिवों के मानदेय में चार-चार हजार व रोजगार सहायकों के मानदेय में दो-दो हजार रुपए की कटौती करने को कहा। इसी प्रकार ग्राम पंचायत गड़वानी, कुडै़निया प्रथम, गोपला के सचिवों का चार चार हजार व रोजगार सहायकों का दो-दो हजार रुपए काटने का निर्देश दिया।

इन पंचायतों के सचिवों व रोजगार सहायकों ने प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा के तहत चल रहे निर्माण कार्य व पीडीएस भवन निर्माण के कार्य में लापहवाही बरती है। इसके साथ ही ग्यारह पंचायतों में भी पीडीएस भवन निर्माण कार्य में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्य नहीं कराए गए हैं। कलेक्टर ने इन पंचायतों के सचिवों व रोजगार सहायकों का 15 दिवस का मानदेय काटने का निर्देश दिया है। समीक्षा बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋतुराज, एसडीएम नीलेश शर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास संजय खेडकर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तरूण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मजदूरों का नहीं होना चाहिए पलायन
समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में हर हाथ को काम दें। किसी भी स्थिति में मजदूरों का पालयन नहीं होना चाहिए। साथ ही बाकी के रोजगार सहायकों व सचिवों को चेतावनी दिया कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने वनाधिकार अमान्य दावों को वनमित्र पोर्टल पर दर्ज कराने निर्देश दिया गया। गौरतलब है कि चितरंगी जनपद पंचायत क्षेत्र के 88 ग्राम पंचायतों में 7994 आवेदन अमान्य पाए गए हैं।सभी को 25 दिसंबर तक पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया।

Ajeet shukla
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