केंद्र से पहली किश्त मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज की कवायद तेज

फटाफट पूरे कर लिए गए कई कार्य .....

By: Ajeet shukla

Published: 30 Sep 2020, 12:30 PM IST

सिंगरौली. जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर केंद्र सरकार से पहली किश्त जारी होने के बाद बिल्डिंग निर्माण संबंधित कवायद तेज कर दी गई है। जिला प्रशासन के निर्देश पर चिन्हित जमीन का सीमांकन व सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है। निर्माण एजेंसी पीआइयू ने बिल्डिंग प्लान तैयार करने में लगा है।

अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही ड्राइंग और स्टीमेट तैयार किए जाने के मद्देनजर प्रस्ताव शासन स्तर पर भेज दिया जाएगा। जिला मुख्यालय से आठ किलोमीटर की दूरी पर नौगढ़ में बनाए जाने वाले मेडिकल कॉलेज के लिए केंद्र सरकार की ओर से पहली किश्त के रूप में 12 करोड़ रुपए का बजट उपलब्ध करा दिया गया है।

पहली किश्त मिलने के बाद जिला स्तर पर निर्माण की कवायद तेज कर दी गई है। शासन स्तर से भी इसके लिए विशेष निर्देश जारी हुआ है। योजना है कि कॉलेज का निर्माण कार्य नए वर्ष की शुरुआत में ही शुरू कर दिया जाए। ताकि जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करने के साथ ही शैक्षणिक सत्र का संचालन शुरू किया जाए।

कॉलेज के लिए 325 करोड़ का बजट
अधिकारियों के मुताबिक कॉलेज बिल्डिंग के बावत ३२५ करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। इस बजट में कॉलेज का प्रशासनिक भवन, व्याख्यान हाल, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कॉमन हाल, सभागार व दो छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। पीआइयू की ओर से इसी के मद्देनजर सर्वे कर प्लान तैयार किया जा रहा है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में शासन को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।

डीएमएफ से भी जल्द जारी होगी पहली किश्त
मेडिकल कॉलेज के लिए स्वीकृत 325 करोड़ रुपए के बजट में से 195 करोड़ रुपए केंद्र सरकार से मिलेगा। बाकी की रकम राज्य शासन को देना है। राज्य शासन के हिस्से की रकम यहां डीएमएफ मद से दिया जाएगा। डीएमएफ मद के बजट से जल्द ही पहली किश्त जारी किए जाने की बात की जा रही है। गौरतलब है कि कॉलेज के लिए डीएमएफ से बजट पहले ही जिला समिति ने स्वीकृत कर दी है।

अगले शैक्षणिक सत्र से प्रवेश की योजना
अधिकारियों के मुताबिक शासन स्तर से कॉलेज में शैक्षणिक कार्य शुरू कर देने की योजना है। जब तक कॉलेज का अपना खुद का अस्पताल तैयार नहीं हो जाता है, तब तक जिला अस्पताल कॉलेज से संबद्ध रहेगा। शासन स्तर से यह जल्दबाजी इसलिए दिखाई जा रही है ताकि यहां जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हो सकें। मेडिकल कॉलेज के अटैच रहने की स्थिति में जिला अस्पताल का भी कायाकल्प हो जाएगा।

Ajeet shukla Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned