पिछड़े जिले का मॉडल स्कूल , 80 में से 70 छात्र प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण

देवसर मॉडल स्कूल के 80 में से 70 बच्चे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण, शत प्रतिशत रहा रिजल्ट

By: Vedmani Dwivedi

Published: 16 May 2018, 01:00 PM IST

सिंगरौली. जिला मुख्यालय के करीब 50 किमी. दूर छोटे से कस्बे में स्थित देवसर मॉडल स्कूल हकीकत में अन्य शासकीय स्कूलों के लिए मॉडल बन गया है। सोमवार को जारी हुए परीक्षा परिणाम में मॉडल स्कूल का दसवीं कक्षा का रिजल्ट शत प्रतिशत रहा। यहां अध्ययनरत (80) सभी छात्र उत्तीर्ण हो गए। 80 में से 70 छात्र प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। विद्यालय के प्राचार्य उदय नारायण सिंह इससे काफी उत्साहित हैं।

जिले में उनके स्कूल की चर्चा भी खूब हो रही है। शत प्रतिशत रिजल्ट सुनकर सभी अचंभित हो रहे हैं। किसी भी स्कूल के लिए शत प्रतिशत रिजल्ट लाना बेहद चुनौती भरा काम होता है। खासकर शासकीय स्कूलों में ऐसा बहुत ही कम होता है। वो भी ऐसे में जब जिले के आधे से ज्यादा छात्र अनुत्तीर्ण हो गए हों। जिला का प्रदेश में सबसे निचला स्थान 50 मिला हो। रिजल्ट 45.47 फीसदी हो।

अन्य स्कूलों जैसी चुनौती यहां भी
ऐसा नहीं है कि मॉडल स्कूल के लिए कोई विशेष व्यवस्था की गई हो। जिले में तीन मॉडल स्कूल हैं। बैढऩ, चितरंगी एवं देवसर। अन्य शासकीय स्कूलों से बेहतर व्यवस्था यहां होती है लेकिन इसके बाद भी दिक्कत कम नहीं है। यहां भी शिक्षकों की कमी है। इसके साथ ही बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करना भी अन्य स्कूलों की तहर यहां भी चुनौती ही है। लेकिन शिक्षकों की मेहनत काम आई। बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। समय पर कक्षाएं लगी। जिसकी वजह से शत प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त हुआ।

समय पर लगती कक्षा और होती छुट्टी
मॉडल स्कूल देवसर के बच्चों को अनुशासन पहले भी रहा है। यहां के बच्चे अच्छे अंक से परीक्षा उत्तीर्ण करते रहे हैं। लेकिन शत प्रतिशत रिजल्ट नहीं आया। स्कूल के शिक्षक बताते हैं कि समय पर स्कूल खुलना, समय पर कक्षा लगाना एवं समय पर छुट्टी का विशेष ध्यान दिया जाता है। बच्चों के बीच यहां जबरदस्त प्रतिस्पर्धा भी रहती है। जिसकी वजह से यहां अच्छे परिणाम मिले।

6038 बच्चे अनुत्तीर्ण
दसवीं कक्षा में जिले में 14 हजार 134 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए थे। जिसमें से 6038 अनुत्तीर्ण हो गए। 6428 ही परीक्षा उत्तीर्ण कर पाए। 1668 बच्चे पूरक हो गए। इस प्रकार आधे से ज्यादा परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण हो गए। कई स्कूलों में 25 से 30 फीसदी ही रिजल्ट रहा। कुछ स्कूलों के ज्यादातर बच्चे फेल हो गए। 10वीं कक्षा में जिले का रिजल्ट 45.47 फीसदी के साथ 50 वें स्थान पर है।

 

Vedmani Dwivedi
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