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रिश्वतखोरी में राजस्व विभाग सबसे आगे,  दूसरे नंबर पर पुलिस व अन्य कई विभागों की हकीकत जानने के लिए पढि़ए पूरी खबर

रीवा लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई में हुआ खुलासा, 50 रिश्वतखोरों से 6.78 लाख रुपए की राशि जब्त....

सिंगरौली

Updated: June 07, 2022 09:35:25 pm

सिंगरौली. रिश्वतखोरी के मामले में राजस्व विभाग सबसे आगे है। दूसरे स्थान पुलिस। इसके बाद पंचायत, वन विभाग व नगर निगम है। लोकायुक्त पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और मिली शिकायतें कुछ ऐसी ही कहानी बयां कर रही हैं। लोकायुक्त पुलिस रीवा द्वारा सिंगरौली के अलावा रीवा, सतना व सीधी में पिछले पांच महीनों में करीब 50 रिश्वतखोरों पर कार्रवाई की गई है। उनके कब्जे से रिश्वत की साढ़े छह लाख रुपए से अधिक की राशि जब्त किया है। विभाग के कर्मचारियों को साफ-सुथरी छवि का बताने वाले अफसरों के लिए इससे शर्मनाक और क्या हो सकता है। विभाग चाहे कोई भी हो, यहां बगैर रिश्वत के एक भी काम संभव नहीं हैं।
Most bribery revenue department in MP's Rewa division
Most bribery revenue department in MP's Rewa division
एक ओर जहां पटवारी व आरआई के पास किसान चक्कर काटते हैं। वहीं बिना रिश्वत लिए पुलिस भी फरियादियों की शिकायत का निराकरण नहीं करती है। इसके अलावा पंचायत, नगर निगम व वन विभाग के कर्मचारियों की मंशा रहती है कि बिना रिश्वत के हितग्राहियों का काम नहीं करना है। इन हालातों के बाद भी यदि संबंधित विभाग के अफसर खुद को या फिर कर्मचारियों को साफ-सुथरा होने का दावा करें तो यह बेमानी है। बता दें कि इन विभागों के अलावा बिजली विभाग, सहकारिता, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास सहित रजिस्ट्रार कार्यालय में रिश्वतखोरी का सिलसिला जारी है। यहां भी रिश्वतखोर रंगे हाथ पकड़े गए हैं।
उदाहरण के लिए पर्याप्त:
केस-एक
गोनर्रा चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक को 5 हजार की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त रीवा की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा है। मारपीट के मामले में प्रधान आरक्षक शिव कुमार पनिका ने समझौता कराने के लिए फरियादी से दस हजार रुपए रिश्वत की मांग किया था। पांच हजार रुपए पहले ले चुका था। वहीं 5 हजार की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस टीम ने उसे ट्रेप कर लिया था।
केस-दो
10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए आयुष अधिकारी डॉ. अनुपमा रोशन को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा है। अउटसोर्सिंग कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी। भगवान दास साकेत की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने बीते सोमवार की सुबह जिला आयुष कार्यालय पहुंची और दस हजार रुपए रिश्वत लेते आयुष अधिकारी को रंगे हाथ दबोच लिया।
रिश्वतखोरी की हकीकत:
विभाग - रिश्वतखोरों की संख्या
राजस्व - 10
पुलिस - 07
पंचायत - 05
नगर निगम - 05
वन विभाग - 05
बिजली - 03
सहकारिता - 02
स्वास्थ्य - 02
उच्च शिक्षा - 01
रजिस्ट्री विभाग - 01
नोट:-- लोकायुक्त कार्यालय रीवा से प्राप्त विभागवार रिश्वतखोरों की संख्या 31 मई 2022 तक की स्थिति में।
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