MP Assembly Election 2018: चितरंगी में किसको मिलेगा टिकट, किसका दावा, क्यों मजबूत.. पढ़िए पूरी रिपोर्ट

MP Assembly Election 2018: चितरंगी में किसको मिलेगा टिकट, किसका दावा, क्यों मजबूत.. पढ़िए पूरी रिपोर्ट

suresh mishra | Publish: Sep, 09 2018 05:43:41 PM (IST) Singrauli, Madhya Pradesh, India

MP Assembly Election 2018: चितरंगी में किसको मिलेगा टिकट, किसका दावा, क्यों मजबूत.. पढ़िए पूरी रिपोर्ट

सिंगरौली। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की तिथि घोषित होने में दो महीने से अधिक का समय अभी बाकी है, लेकिन जिले में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। देश की ऊर्जाधानी कही जाने वाले सिंगरौली जिले की चितरंगी सीट में इस बार कांग्रेस को कड़ी चुनौती मिल सकती है। चितरंगी विधानसभा अभी कांग्रेस के कब्जे में हैं, यहां से सरस्वती सिंह विधायक हैं। आदिवासी बाहुल्य इस सीट पर भाजपा कब्जा करना चाहती है। जन आशीर्वाद यात्रा में भी इसी सीट पर फोकस किया गया था। बसपा, सपा और आम आदमी पार्टी भी दोनों ही दलों के समीकरणों को बिगाडऩे के लिए तैयार बैठे हैं। सपाक्स ने चुनाव में दावेदारी जताकर मामले को और रोचक बना दिया है।

चितरंगी: कांग्रेस फिर सेंध की तैयारी में
चितरंगी विधानसभा क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य यहांं से कांग्रेस से सरस्वती सिंह विधायक हैं। सरस्वती सिंह ने पूर्व मंत्री जगन्नाथ सिंह को हराकर सीट पर कब्जा किया। इस विधानसभा सीट से इस बार पूर्व मंत्री स्व. जगन्नाथ सिंह के पुत्र डॉ. रवीन्द्र सिंह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। इसी सीट से भाजपा के पूर्व विधायक अमर सिंह भी ताल ठोंकने की तैयारी में हैं। वर्तमान विधायक सरस्वती सिंह भी पूरी दम-खम के साथ चुनाव जीतने की तैयारी में हैं।

विधानसभा चुनाव 2013 के वोट
- भाजपा जगन्नाथ सिंह 39 हजार
- कांग्रेस सरस्वती सिंह 48 हजार

ये हैं चार मुद्दे
- क्षेत्र का विकास, कनेक्टिविटी की समस्या, पेयजल, अवैध रेत खनन से बढ़ते अपराध व अव्यवस्थित हाट-बाजार।

मजबूत दावेदार भाजपा
- डॉ. रवीन्द्र सिंह - जिला पंचायत उपाध्यक्ष

मजबूत दावेदार कांग्रेस
- सरस्वती सिंह- वर्तमान विधायक
- मानिक सिंह, पूर्व सांसद

जातिगत समीकरण
- बैगा, कोल, ब्राह्मण और ठाकुर में आदिवासी वर्ग के मतों की संख्या अधिक है. बहुत कुछ परिणामों की दिशा इनके द्वारा ही तय होती है.

चुनौतियां
- पार्टी के पुराने कार्यकर्ता नाराज हैं।
- कांगे्रस के सामने सत्ता पक्ष की विफलताएं साबित करने की बड़ी चुनौती है।

विधायक की परफॉर्मेंस
- वर्तमान कार्यकाल अब तक सामान्य रहा है। बड़ी विकास योजनाएं लाने में विफल रहीं।

क्षेत्र में काफी काम करने की जरूरत है। अपराध रोकना और अतिक्रमण हटाना चुनौती है।
- डॉ. राहुल विजयवर्गीय, वैज्ञानिक

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