फ्लाईऐश डैम से वर्ष 2019 और 2020 में हुई तबाही के बाद हरकत में आई एनजीटी ने डैम के चारों ओर सुरक्षा के बावत सीमेंट की चौड़ी पक्की दीवार बनाने का निर्देश दिया है, लेकिन हकीकत में कंपनियां एनजीटी के इस निर्देश पर अमल करने को तैयार नहीं हैं। वर्तमान में रिलायंस सासन पॉवर की ओर से हर्रहवा स्थित डैम की सुरक्षा के लिए मेड़ बनाई जा रही है।
लेकिन कंपनी सीमेंट की पक्की दीवार बनाने के बजाए डैम में भरे राख के मलबा प्रयोग कर रही है। राख के मलबे का ढेर लगाकर सुरक्षा का दावा किया जा रहा है। ग्रामीण कंपनी के इस खोखले दावे को लेकर परेशान हैं। उनका मानना है कि जबरदस्त बारिश हुई तो यही राख का मलबा बहकर उनके घरों तक पहुंचेगा। परेशानी कम होने के बजाए बढ़ रही है।
विंध्याचल का भी यही हाल
एनटीपीसी विंध्याचल व एस्सार पॉवर के फ्लाईऐश डैम का हाल भी सासन पॉवर जैसा ही है। इन दोनों कंपनियों ने भी एनजीटी के निर्देशों का पालन करने की जरूरत नहीं समझी है। इनके डैम की सुरक्षा भी मिट्टी के ढेर के भरोसे ही है। मनमानी का यह आलम तब है जबकि पूर्व में मिट्टी की दीवारों के ढहने पर ही दो बड़ी तबाही हो चुकी है।
एनटीपीसी विंध्याचल व एस्सार पॉवर के फ्लाईऐश डैम का हाल भी सासन पॉवर जैसा ही है। इन दोनों कंपनियों ने भी एनजीटी के निर्देशों का पालन करने की जरूरत नहीं समझी है। इनके डैम की सुरक्षा भी मिट्टी के ढेर के भरोसे ही है। मनमानी का यह आलम तब है जबकि पूर्व में मिट्टी की दीवारों के ढहने पर ही दो बड़ी तबाही हो चुकी है।
ये है दो बड़ी घटनाएं
- वर्ष 2020 में रिलायंस सासन पॉवर का फ्लाईऐश डैम सिद्धिखुर्द में फूट गया था। इससे न केवल आधा दर्जन गांव तबाह हो गए थे, बल्कि चार नाबालिग सहित 6 की मौत हो गई थी। रिहंद जलाशय सहित अन्य जलस्रोत भी प्रदूषित हो गए थे। पर्यावरणवीय नुकसान हुआ सो अलग।
- वर्ष 2019 में एनटीपीसी विंध्याचल का फ्लाईऐश डैम शाहपुर में फूटा था। इससे भी सैकड़ों किसानों की खेत में मलबा भर गया था। साथ ही रिहंद जलाशय में राख का मलबा जाने से वह पूरी तरह से प्रदूषित हो गया था। पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचा था।
- वर्ष 2020 में रिलायंस सासन पॉवर का फ्लाईऐश डैम सिद्धिखुर्द में फूट गया था। इससे न केवल आधा दर्जन गांव तबाह हो गए थे, बल्कि चार नाबालिग सहित 6 की मौत हो गई थी। रिहंद जलाशय सहित अन्य जलस्रोत भी प्रदूषित हो गए थे। पर्यावरणवीय नुकसान हुआ सो अलग।
- वर्ष 2019 में एनटीपीसी विंध्याचल का फ्लाईऐश डैम शाहपुर में फूटा था। इससे भी सैकड़ों किसानों की खेत में मलबा भर गया था। साथ ही रिहंद जलाशय में राख का मलबा जाने से वह पूरी तरह से प्रदूषित हो गया था। पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचा था।
चिंता में रहवासी
- रिलायंस कंपनी डैम से सुरक्षा के बंदोबस्त में राख के मलबा का ढेर लगा रही है। सभी जानते हैं कि बारिश होने पर यह राख पानी के साथ बह जाएगी। इससे तो सामान्य बारिश में भी राख का मलबा बह कर घरों व खेतों में पहुंचेगा।
सिपाही लाल, रहवासी झांझी टोला।
- रिलायंस कंपनी डैम से सुरक्षा के बंदोबस्त में राख के मलबा का ढेर लगा रही है। सभी जानते हैं कि बारिश होने पर यह राख पानी के साथ बह जाएगी। इससे तो सामान्य बारिश में भी राख का मलबा बह कर घरों व खेतों में पहुंचेगा।
सिपाही लाल, रहवासी झांझी टोला।
- फ्लाईऐश डैम से सुरक्षा को लेकर देखने में तो काफी ऊंचा मेड़ बनाया जा रहा है, लेकिन यह मेड़ राख के मलबा का है। यह मलबा बारिश के पानी के साथ बह जाएगा। यह व्यवस्था नहीं लगता है कि एक बारिश भी संभाल पाएगा।
अनिल सिंह, रहवासी हर्रहवा।
अनिल सिंह, रहवासी हर्रहवा।