रेत खनन के लिए अनुबंध से दूर चयनित कंपनी, मौके का फायदा उठा रहे पुराने कारोबारी

पुलिस व प्रशासन की नींद हुई ...

By: Ajeet shukla

Published: 10 May 2020, 08:29 PM IST

सिंगरौली. जिले की 58 रेत खदानों में खनन व परिवहन के लिए चयनित कंपनी को अभी तक खनन का अधिकार नहीं मिल पाने का मौका छोटे कारोबारी जमकर उठा रहे हैं। लॉकडाउन के चलते अभी तक बंद पड़ा रेत खनन अवैध तरीके से फिर शुरू हो गया है।

शासकीय व निजी निर्माण कार्यों को शुरू करने की छूट के साथ ही चोरी-छिपे रेत के अवैध तरीके से खनन, परिवहन व भंडारण ने रफ्तार पकड़ लिया है। पूर्व में रेत खनन का कार्य करने वाले कारोबारियों ने मौके का फायदा उठाकर खदानों में मशीन उतार दिया है।

खनिज विभाग के अधिकारियों की माने तो रेत खनन के लिए शासन स्तर से चयनित कंपनी आरके ट्रांसपोर्ट एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड ने खदानों में खनन का कार्य शुरू करने के बावत ज्यादातर प्रक्रिया पूरी कर लिया है। पर्यावरण विभाग से करीब 15 दिवस पहले एनओसी प्राप्त करने के बाद कंपनी ने अनुबंध के लिए माइनिंग कारपोरेशन मप्र. को आवेदन प्रस्तुत किया है।

अनुबंध की प्रक्रिया पूरी करने के बाद कंपनी को खनन व परिवहन करने की अनुमति मिल जाएगी, लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी कंपनी को शासन से अनुबंध पत्र नहीं मिल सका है। सूत्रों की माने तो माइनिंग कारपोरेशन से संबंधित फाइल खनिज मंत्रालय में मंगा ली गई है। कंपनी को अनुमति नहीं मिलने का फायदा छोटे कारोबारी उठा रहे हैं।

रेत की मांग बढऩे पर शुरू हुआ अवैध कारोबार
रेत के अवैध कारोबार में तेजी बढ़ती मांग का नतीजा है। लॉकडाउन के बीच शासकीय व निजी निर्माण कार्यों को शुरू करने की मिली अनुमति के चलते रेत की मांग बढ़ी है। हालांकि अभी दूसरे राज्यों में रेत का परिवहन शुरू नहीं हो सका है, लेकिन स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों के लिए रेत की जरूरत पूरी की जा रही है। इसी आड़ में कारोबारी अवैध तरीके से स्थानीय स्तर पर रेत का परिवहन व भंडारण कर रहे हैं।

पुलिस भी हो गई है सक्रिय, की गई कई कार्रवाई
इधर, कारोबारियों के अवैध कारनामे की शुुरुआत के साथ पुलिस भी सक्रिय हो गई है। बरगवां हो या जियावन या फिर गढ़वा व चितरंगी लगभग सभी थानों की खदानों में रेत का अवैध खनन शुरू हो गया है। पुलिस ने अभी तक एक दर्जन वाहनों पर कार्रवाई की है। गढ़वा थाना क्षेत्र में दो दिन पहले ही रेत लदे वाहनों को पकड़ा गया है।

खनिज विभाग का अमला भी रेत के अवैध खनन पर लगाम लगाने को लेकर सक्रिय हो गया है। चितरंगी के क्योंटली और तमई में सोन नदी से रेत का खनन कर के घाट ऊपर गोपला और फुटहड़वा में डंप करके उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत की है। बगदरा के चौकी प्रभारी रेत खनन पर लगाम नहीं लगा पा रहे हैं।

फैक्ट फाइल
- जिले की कुल 58 रेत खदानों में किया जाना है खनन।
- खदानों की अनुमानित क्षमता 20 लाख घन मीटर है।
- करीब 36.33 करोड़ रुपए की लगाई गई है बोली।
- तीन वर्षों तक खनन के लिए किया गया है अनुबंध।

तहसीलवार रेत खदानों की संख्या
30 खदान सिंगरौली में
16 खदान माड़ा में
07 खदान देवसर में
03 खदान सरई में
02 खदान चितरंगी में

Ajeet shukla Reporting
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned