वनाधिकार पट्टा की प्रक्रिया उलझा हजारों गरीबों का सपना

आवेदक 16191, अभी केवल 158 का पट्टा हुआ मान्य .....

By: Ajeet shukla

Published: 26 Aug 2020, 12:37 AM IST

सिंगरौली. भूमि पर काबिज होने की मान्यता मिलने के बाद कोई पक्का मकान बनाने का सपना देख रहा है तो कोई जमीन पर खेती करने या अन्य व्यवसाय शुरू करने की योजना में है। करीब डेढ़ वर्ष पहले वनाधिकार पट्टा की कवायद शुरू हुई तो गरीबों ने कुछ ऐसा ही सपना संजोया, लेकिन लंबी और सुस्त प्रक्रिया के चलते गरीबों का सपना अब दमतोड़ रहा है। तमाम निर्देशों के बावजूद वनाधिकार पट्टा मान्य करने की प्रक्रिया रफ्तार नहीं पकड़ रही है।

वन भूमि पर कब्जाधारकों को पट्टा जारी किए जाने को लेकर जिले में ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और फिर जिला स्तर पर कवायद जारी है। अधिकारियों को 16191 आवेदनों का निराकरण कर पात्र आवेदकों को पट्टा देना है। अभी तक केवल 158 आवेदकों के लिए पट्टा मान्य किया गया है। यह संख्या कुल आवेदन की एक फीसदी भी नहीं है। प्रक्रिया की गति का आकलन मान्य प्रकरण की नाम मात्र की इस संख्या से सहज ही लगाया जा सकता है।

अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में ग्राम पंचायत स्तर पर 600 और जनपद पंचायत स्तर पर 300 प्रकरणों का निराकरण किया जा सका है। ग्राम पंचायत के बाद जनपद पंचायत और जनपद पंचायत के बाद जिला स्तर पर मान्यता के लिए प्रकरणों को प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। अभी तक जिला स्तर पर प्रस्तुत किए गए 158 प्रकरणों को मान्य किया गया है। यह सभी मान्य प्रकरण आदिवासियों के हैं। कुल 16191 प्रकरणों में 7720 आदिवासियों के आवेदन शामिल हैं।

अमान्य मामलों में होगी तीन स्तर पर सुनवाई
अधिकारियों के मुताबिक सैकड़ों की संख्या में प्रकरण विभिन्न कारणों से अमान्य भी किए जा रहे हैं। इन अमान्य प्रकरणों की सुनवाई बाद में ग्राम, जनपद और फिर जिला स्तर पर की जाएगी। अभी अधिकारी उन प्रकरणों का मान्य करने में जुटे हैं, जिनमें किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।

प्रकरणों को मान्य करने में आ रही समस्या
- 13 दिसंबर 2005 से पहले से कब्जा साबित करना है।
- कब्जाधारक 13 दिसंबर 2005 को बालिग होना चाहिए।
- एक मात्र जीविका का साधन का यह प्रमाणित होना चाहिए।
- आवेदक किसी भी शासकीय सेवा में नहीं है, यह प्रमाणपत्र।
- आवेद के पास खुद की कोई दूसरी जमीन गांव में नहीं है।

फैक्ट फाइल
16191 कुल आवेदनों की संख्या
7720 आदिवासियों से संबंधित प्रकरण
158 अब तक मान्य स्वीकृत प्रकरण
600 ग्राम पंचायत स्तर पर हुए मान्य
300 जनपद पंचायत स्तर पर आवेदन

Ajeet shukla Reporting
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